- आज अफसरों की परीक्षा, कल हाउस में पार्षद दिखाएंगे दम
- मेयर-डीसी के सामने 22 वार्डों की शिकायतें
कविता.रोहतक: नगर निगम की राजनीति में आज का दिन अहम रहने वाला है। 22 अक्टूबर को होने वाली हाउस की बैठक से ठीक एक दिन पहले (बुधवार) शहर के 22 वार्डों के पार्षदों के साथ मेयर रामअवतार वाल्मीकि, जिला उपायुक्त सतबीर मान और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी।
शहर में सीवर की बदहाल व्यवस्था और दूषित पेयजल की समस्या को लेकर पार्षद लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आज की बैठक में अधिकारियों के सामने इन समस्याओं का मुद्दा उठेगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन मिलते हैं या समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम और समयसीमा भी तय होती है। इसका असर अगले दिन होने वाली हाउस की बैठक में भी दिखाई दे सकता है।
22 वार्डों की शिकायतें, अफसरों से मांगा जाएगा जवाब
शहर में सीवर ओवरफ्लो, गंदे पानी की निकासी और दूषित पेयजल जैसी समस्याएं पार्षदों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं। वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों की नाराजगी का सामना पार्षदों को करना पड़ रहा है। ऐसे में आज होने वाली बैठक में पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखेंगे। बैठक में जिला उपायुक्त की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पार्षदों की मांग केवल समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित विभागों से कार्रवाई भी चाहते हैं। अब देखना होगा कि बैठक में समस्याओं के समाधान को लेकर क्या दिशा तय होती है।
मेयर के सामने भी चुनौती
हाउस की बैठक से पहले मेयर रामअवतार वाल्मीकि के सामने पार्षदों की नाराजगी दूर करने की चुनौती है। 19 अक्टूबर को मेयर और पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने पार्षदों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतें सुनी थीं। अब अधिकारियों के साथ बैठक के जरिए इन समस्याओं पर आगे बढ़ने की कोशिश होगी। पार्षदों को भरोसा दिलाना एक पहलू है, लेकिन उनके वार्डों में सीवर और पेयजल की समस्याओं पर कार्रवाई दिखाना ज्यादा अहम होगा। यदि आज की बैठक में ठोस निर्णय होते हैं तो मेयर पक्ष को कल सदन में जवाब देने में मदद मिल सकती है। वहीं, समस्याएं जस की तस रहने पर पार्षदों की नाराजगी फिर सामने आ सकती है।
आज की बैठक के फैसलों पर टिकी रहेंगी कल की निगाहें
आज की बैठक में होने वाली चर्चा और अधिकारियों के रुख से कल के हाउस का माहौल काफी हद तक प्रभावित हो सकता है। यदि पार्षदों को समस्याओं के समाधान का भरोसा मिलता है और कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होती है तो सदन में कुछ मुद्दों पर टकराव कम होने की संभावना रहेगी। इसके विपरीत, यदि पार्षदों को ठोस जवाब नहीं मिलते तो हाउस की बैठक में सीवर, दूषित पेयजल और विभागीय लापरवाही को लेकर सवाल उठ सकते हैं। ऐसे में आज की बैठक सिर्फ शिकायतें सुनने का मंच नहीं, बल्कि कल के सदन की भूमिका तैयार करने वाली कवायद भी है।
कल हाउस में दिखेगा दोनों बैठकों का असर
नगर निगम की हाउस बैठक में पार्षद अपने वार्डों की समस्याएं और लंबित विकास कार्य उठा सकते हैं। आज अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में यदि मुद्दों पर सहमति बनती है तो कल सदन में उसका असर दिखाई दे सकता है। लेकिन यदि पार्षदों की मांगों पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती तो हाउस में हंगामे और तीखी बहस की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब शहर की नजरें आज की बैठक पर हैं, क्योंकि उसके फैसले ही संकेत देंगे कि कल हाउस में समाधान की बात होगी या फिर सीवर और दूषित पानी के मुद्दे पर निगम प्रशासन को पार्षदों के सवालों का सामना करना पड़ेगा।

