- भगवंत मान सरकार ने छोटे व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘पंजाब राज्य व्यापारी आयोग’ का गठन किया: केजरीवाल
- कांग्रेस और अकाली दल ने पंजाब को लूटने का साधन समझा; आप सरकार ने इस सिलसिले को खत्म किया: मुख्यमंत्री मान
जालंधर : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ जालंधर में ‘पंजाब राज्य व्यापारी आयोग’ की एक बैठक के दौरान व्यापारियों, दुकानदारों और कारोबारियों से सीधे संवाद किया।
उन्होंने संवाद और जवाबदेह शासन के माध्यम से व्यापारियों की चिंताओं को हल करने के लिए भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। छोटे व्यापारियों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि जहां पिछली सरकारों ने उनके मुद्दों को नजरअंदाज किया और उन्हें परेशानी तथा जबरन वसूली का शिकार बनाया, वहीं भगवंत मान सरकार ने ऐसी प्रथाओं को समाप्त कर दिया है और व्यापारी आयोग का गठन किया है ताकि व्यापारी वर्ग को सामना करने वाली छोटी से छोटी समस्या का भी त्वरित और प्रभावी ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब दशकों के शोषण और खराब शासन से मुक्त हो चुका है, जिससे जनकल्याण पर केंद्रित पारदर्शी और विकास-उन्मुख शासन के नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, ‘आप’ सरकार में सत्ता में चार साल पूरे करने के बाद सीधे लोगों से फीडबैक मांगने का भरोसा है, जबकि सिंचाई, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर इसके काम ने पूरे पंजाब में लोगों की जिंदगी बदल दी है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवंत मान सरकार ने सत्ता में चार साल पूरे कर लिए हैं। चार साल काम करने के बाद मुझे पंजाब के इतिहास में ऐसी कोई सरकार याद नहीं है, जो लोगों के सामने बैठकर ऐसी चर्चा कर सके। इससे पहले कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल की सरकारें आईं। चार साल सत्ता में रहने के बाद जब वे लोगों के बीच जाते थे, तो गांव वाले उन्हें अंदर आने भी नहीं देते थे। लोग हाथों में जूते लेकर उन्हें पीटने के लिए तैयार खड़े होते थे। आज जब हम लोगों के बीच जाते हैं, तो वे हमें देखकर मुस्कुराते हैं, हमारी तारीफ करते हैं और हमें गले लगाने के लिए तैयार रहते हैं। वे हमारे काम की प्रशंसा करते हैं।”
एक रोड शो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “कल हम बठिंडा में थे। नगर निगम के शानदार परिणाम हासिल करने और मेयर बनाने के बाद हम वहां एक रोड शो कर रहे थे। जब हम गलियों से गुजर रहे थे, तो लोग हमारा स्वागत करने के लिए अपनी दुकानों से बाहर आ गए। उनके हाव-भाव से साफ पता लग रहा था कि वे भगवंत मान और हम सभी को देखकर कितने खुश थे। वे सच में बहुत खुश थे। आज मैं यहां भी वही प्रतिक्रिया देख रहा हूं।
मैं सिवानी गांव से संबंध रखता हूं : केजरीवाल
अपने बचपन को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “जब मैं छोटा होता था, मैं गर्मियों की छुट्टियां अपने दादा जी के घर बिताता था। मैं सिवानी गांव से संबंध रखता हूं। बस स्टैंड पर हमारी किराने की दुकान थी और मैं दोपहर के समय वहां बैठता था। मेरे ताऊ जी/चाचा जी एक छोटे व्यापारी थे। उस समय से मैं जानता हूं कि इस पूरे सिस्टम में एक छोटे व्यापारी की कोई नहीं सुनता। जब सरकारें पंजाब की अर्थव्यवस्था, जीडीपी और विकास के बारे में चर्चा करती हैं, तो भी ध्यान सिर्फ बड़े उद्योगपतियों और करोड़ों-अरबों रुपये के निवेश पर ही रहता है। लेकिन सूबे की असली रीढ़ छोटा व्यापारी है। आप लोग ही असली रीढ़ हैं। व्यापारियों की बात तो हर कोई करता है, लेकिन मैंने कोई ऐसी सरकार या सियासी पार्टी नहीं देखी, जो सच में व्यापारियों के पास जाकर उनकी समस्याओं का हल करे।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर आपकी दुकान के सामने वाली सड़क टूट जाए या बिजली का खंभा खराब हो जाए, तो आप क्या करते हैं? आप सरकारी दफ्तरों, विधायकों और अलग-अलग विभागों के चक्कर काट-काट कर थक जाते हैं। एक स्ट्रीट लाइट ठीक करवाना भी एक बहुत बड़ी जद्दोजहद बन जाता है। क्या ऐसा नहीं होता? एक छोटा सा काम भी आपको बहुत थका देता है।”
व्यापारी आयोग के उद्देश्य के बारे में बताते हुए ‘आप’ मुखिया ने जोर देकर कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक छोटे व्यापारी की आवाज सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचे, हमने ‘पंजाब राज्य व्यापारी आयोग’ का गठन किया है। यह आयोग राज्य स्तर, जिला स्तर और हलका स्तर पर काम कर रहा है। पूरे पंजाब में छोटी-बड़ी करीब 800 मंडियों/बाजारों की पहचान की गई है। इन सभी बाजारों में व्यापारियों के साथ बैठकें की गई हैं। व्यापारियों ने जो भी मांगें उठाईं, चाहे वह बिजली की नंगी तारें हों, टूटी सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइटें, शौचालयों की कमी, पीने के पानी की किल्लत या कोई अन्य समस्या—उन सभी चिंताओं को दस्तावेजी रूप देकर सीधे भगवंत मान के पास भेजा जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय में एक विशेष टीम यह सुनिश्चित करती है कि छोटी से छोटी समस्या का भी समाधान किया जाए।”
इस प्रणाली की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “किस सरकार ने कभी यह सुनिश्चित किया है कि एक छोटे व्यापारी की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचे और मुख्यमंत्री खुद हर मुद्दे को हल करने के लिए काम करे? मैं बहुत खुश हूं क्योंकि जो चिंताएं आप सभी ने आज उठाई हैं, वे दर्शाती हैं कि यह पूरा सिस्टम प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। व्यापारी आयोग का गठन बिल्कुल इसी उद्देश्य के लिए किया गया था।”
राजनीतिक चंदे के बारे में बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “पिछले साल ‘ईडी पार्टी’ को पंजाब से 60 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जबकि आम आदमी पार्टी को पंजाब से सिर्फ 70 लाख रुपये मिले थे। पंजाब में सरकार आम आदमी पार्टी की है, उनकी नहीं। पंजाब में उनकी सिर्फ दो सीटें हैं।”
‘आप’ मुखिया ने कहा, “‘ईडी पार्टी’ ने पंजाब के व्यापारियों, उद्योगपतियों, कंपनियों और कारोबारों से 60 करोड़ रुपये लिए। उन्हें यह पैसा कैसे मिला? लोगों को समन भेजे गए और ईडी तथा सीबीआई की कार्रवाई की धमकियां दी गईं। जिन्होंने पैसे नहीं दिए, उनके घरों/दफ्तरों पर ईडी के छापे मारे गए। हमने पिछले दिनों में एक के बाद एक कई छापेमारियां देखी हैं। कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाता है, जबकि कुछ मामलों में ईडी के छापे पड़ते हैं और अचानक वे गायब हो जाते हैं। वे कैसे गायब हो जाते हैं? चंदे के भुगतान के बाद मामला रफा-दफा हो जाता है।”
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “एक गैंगस्टर अभी भी बाकी है, लॉरेंस बिश्नोई। वह साबरमती जेल में बैठा है। वह ‘ईडी पार्टी’ का दामाद है और उसे उनकी सरपरस्ती हासिल है। उसने बहुत मुश्किलें खड़ी की हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हुक्म जारी किए हैं कि कोई भी उसे उस जेल से बाहर नहीं निकाल सकता। वहां बैठकर वह पूरी दुनिया में अपना नेटवर्क चला रहा है। अगर पंजाब में उससे संबंधित कोई अपराध होता है, तो पंजाब पुलिस उसे यहां नहीं ला सकती। जांचकर्ताओं को उससे पूछताछ करने के लिए साबरमती जेल जाना पड़ता है। उसे हर तरफ से सुरक्षा दी जा रही है और हर सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। आज पंजाब में गैंगस्टर राज का जो भी अंश बाकी है, वह ‘ईडी पार्टी’ की ही देन है।”
केजरीवाल ने अंत में कहा, “लेकिन हम इस पर निरंतर काम कर रहे हैं। यह काम अभी जारी है। आपकी आशीषों से, हम अगले पांच सालों में भी इस कोशिश को इसी तरह जारी रखेंगे।”
पंजाब पारदर्शी शासन, व्यापार-हितैषी नीतियों और विकासोन्मुख राजनीति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है: मुख्यमंत्री
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने शासन में ऐतिहासिक बदलाव देखा है, जहां चुने हुए जनप्रतिनिधि सीधे तौर पर लोगों के साथ संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के चार साल पूरे होने के बाद वे लोगों से फीडबैक मांग रहे हैं, ऐसा करने का साहस पिछली किसी भी सरकार ने कभी नहीं किया। उन्होंने आगे कहा, “जहां परंपरागत रूप से सरकारें सत्ता में रहने के वर्षों बाद सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित हो जाती हैं, वहीं पूरे पंजाब के लोगों से मिल रहे भरपूर प्यार और सराहना ने ‘आप’ सरकार के जनकल्याण के लिए अथक कार्य करने के संकल्प को और अधिक मजबूत किया है।
व्यापारियों को पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सीएम मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने उनकी चिंताओं की अनदेखी की और उन्हें केवल राजस्व तथा राजनीतिक फंडिंग का साधन समझा। उन्होंने कहा, “दशकों तक छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की उपेक्षा की गई क्योंकि किसी ने भी उनकी वास्तविक समस्याओं की चिंता नहीं की। व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और व्यापारी वर्ग की प्रत्येक जायज चिंता का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए ‘पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन’ का गठन किया गया।
परंपरागत राजनीतिक दलों पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल का नेतृत्व जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुका है। उन्होंने कहा, “उनके पास समाज के किसी भी वर्ग के लिए कोई एजेंडा, कोई रोडमैप और कोई विजन नहीं है। वे केवल सत्ता में वापसी और पंजाब के खजाने को फिर से लूटने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्षों तक कांग्रेस और अकाली नेताओं ने कुर्सी के लिए राजनीतिक खेल खेला और राज्य के संसाधनों का दोहन करने के लिए बारी-बारी से सत्ता बदलते रहे। ‘आप’ सरकार ने पंजाब को विनाश की ओर ले जाने वाले इस चक्र को समाप्त कर विकास के नए युग की शुरुआत की है।”
नशे की समस्या का उल्लेख करते हुए मान ने कहा कि परंपरागत राजनीतिक दलों ने पंजाब की युवा पीढ़ी को भारी नुकसान पहुंचाया है और लोग जानते हैं कि नशे के कारोबार के माध्यम से हजारों युवाओं का जीवन बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि यदि ये दल फिर से सत्ता में आते हैं तो वे एक बार फिर पंजाब और उसके लोगों का शोषण करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करेंगे।
अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए सस्ती बिजली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक निजी थर्मल प्लांट खरीदने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार के गठन के बाद अब तक 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता के आधार पर और बिना किसी भ्रष्टाचार के प्रदान की गई हैं। उन्होंने ‘सड़क सुरक्षा बल’ की सफलता का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राजमार्गों पर समय पर सहायता और बेहतर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से 2,700 से अधिक लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि इस समय पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं से अधिक मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। उन्होंने टिप्पणी की, “वे एकता दिखाने के लिए बस यात्राएं और फोटो खिंचवाने के अवसर तो पैदा कर सकते हैं, लेकिन हर कोई उनके आंतरिक मतभेदों को जानता है। ऐसी दिखावटी कवायदें उनके नेतृत्व संकट और आंतरिक कलह को छिपा नहीं सकतीं।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ‘आप’ सरकार विभाजन और नफरत की राजनीति के बजाय विकास, जनकल्याण और काम की राजनीति में विश्वास रखती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की धरती समृद्धि, प्रगति और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत उपजाऊ है। उन्होंने कहा, “यहां केवल एक चीज नहीं उग सकती, वह है नफरत। इसलिए भाजपा को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि वह पंजाबियों को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित कर सकती है। पंजाब के लोगों ने हमेशा विभाजनकारी राजनीति को नकारा है और वे राज्य की भाईचारे तथा एकता की गौरवशाली परंपराओं को आगे भी बनाए रखेंगे।”
इस अवसर पर आप के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा और मोहिंदर भगत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

