Punjab News: आज पंजाब विधानसभा में वित्त मंत्री ने E-20 पेट्रोल को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार के E-20 की अनिवार्य सप्लाई लागू करने के फैसले पर चिंता जताई गई। इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपनी-अपनी राय रखी, जिसके बाद विधानसभा में यह प्रस्ताव पास हो गया।
विधानसभा में मांग की गई कि जब तक गाड़ियों के अनुकूल होने (कम्पैटिबिलिटी) समेत सभी चिंताओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक E-20 की अनिवार्य सप्लाई के फैसले को रोक दिया जाए। साथ ही, यह भी मांग की गई कि उपभोक्ताओं को E-20 और बिना ब्लेंडिंग वाले पेट्रोल के बीच चुनने का अधिकार दिया जाए।
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कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर सिर्फ़ प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजना ही काफ़ी नहीं है। इसके बजाय, पंजाब सरकार को सभी राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और किसान संगठनों की सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और इस पर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संकट के समय कभी-कभी नए अवसर भी पैदा होते हैं और हो सकता है कि इथेनॉल नीति के ज़रिए फ़सल विविधीकरण को भी बढ़ावा दिया जा सके।


