Punjab: फिरोजपुर में, मिलिट्री इंटेलिजेंस विंग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ‘कालू वाला’ गांव से एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। यह गांव भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित आखिरी गांव है। उन पर पाकिस्तान की ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (ISI) से जुड़े जासूसी नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, महिला पुलिस अधिकारी का रूप धारण करती थी—यहाँ तक कि वह वर्दी भी पहनती थी—ताकि वह सैनिकों से बातचीत कर सके और उनसे जानकारी निकालकर उसे आगे लीक कर सके।
FIR के मुताबिक, आरोपियों ने भारतीय सेना के ठिकानों से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारी जुटाई और उसे आगे भेजा। इस जानकारी में सैन्य ठिकानों के नक्शे, हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा, छावनी क्षेत्र, और सेना की तैयारियों व सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अन्य जानकारियां शामिल थीं। जांचकर्ताओं को शक है कि यह जानकारी ISI से जुड़े उन हैंडलर्स को भेजी जा रही थी, जो पाकिस्तान और मलेशिया से काम कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए इस जोड़े ने सीमावर्ती इलाके से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी तस्करों को भी दी थी। आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें संवेदनशील सामग्री होने की आशंका है। जांचकर्ता फिलहाल बरामद डेटा की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि असल में क्या जानकारी भेजी गई थी और किसे भेजी गई थी।
इस जांच में महिला आरोपी की भूमिका एक बेहद संवेदनशील पहलू बनकर सामने आई है। FIR के अनुसार, महिला ने पुलिस अधिकारी बनकर इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सैन्य कर्मियों से संपर्क साधा था। आरोप है कि उसने सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए ‘हनी-ट्रैप’ का इस्तेमाल करके सैन्य कर्मियों को फंसाने की कोशिश की।
आरोपी, जो कालू वाला गांव का रहने वाला है, उसे खुफिया जानकारी मिलने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद गिरफ्तार किया गया। ‘ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923’ की धारा 3 और 4 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने, अन्य साथियों की पहचान करने और कथित तौर पर लीक हुई संवेदनशील जानकारी के दायरे का निर्धारण करने के लिए आगे की जांच चल रही है।

