रोहतक : जिला उपायुक्त सचिन गुप्ता ने रबी सीजन 2026-27 के दौरान गेहूं एवं अन्य रबी फसलों की खरीद को सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों और अधिकारियों को इन निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
सचिन गुप्ता ने बताया कि गेहूं की खरीद 1 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक या सरकार द्वारा निर्धारित अवधि के अनुसार की जाएगी। सभी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही की जाएगी और किसी भी किसान को निर्धारित मूल्य से कम भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड, एफसीआई तथा हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा निर्धारित मंडियों में खरीद की जाएगी। सभी एजेंसियां समय से पहले पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करेंगी और किसानों की फसल की निर्बाध खरीद की जाएगी।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा पार्किंग जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही एमएसपी दरों और गुणवत्ता मानकों के बोर्ड प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना, तिरपाल, पॉलीथीन कवर एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्थिति में खरीद कार्य प्रभावित न हो। गुणवत्ता नियंत्रण पर जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार ही गेहूं की खरीद की जाएगी। किसी भी प्रकार की मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों को भी अपनी फसल की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि उन्हें पूरा एमएसपी मिल सके।
सचिन गुप्ता ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे, सीसीटीवी कैमरे तथा गेट पास प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। खरीद एवं भुगतान की पूरी प्रक्रिया ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से की जाएगी और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में 48-72 घंटे के भीतर किया जाएगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस सीजन में बीसीपीए प्रणाली पूरी तरह समाप्त रहेगी और सभी कार्य सरकारी स्टाफ एवं बैंकिंग माध्यमों से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मंडी स्तर पर शिकायत निवारण समितियां गठित की जाएंगी तथा जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। सभी एसडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र में खरीद व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

