कविता.रोहतक
रोहतक शहर को अभी राहत मिलने वाली नहीं है। सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने आंदोलन को अब 13 सितंबर तक बढ़ा दिया है।
यानी आने वाले दिनों में भी शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने की आशंका है। इसका सीधा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ सकता है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में लोग सड़कों से गुजरते समय नाक पर कपड़ा रखने और सांस रोकने को मजबूर हैं। जगह-जगह जमा कूड़े, उठते धुएं और फैलती बदबू ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है।
पूरे शहर का दम घुट रहा, सड़कों पर कूड़े के ढेर
हड़ताल लंबी खिंचने के साथ शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक कई जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। जहां पहले नियमित रूप से कूड़ा उठाया जाता था, वहां अब कई-कई दिन तक कचरा पड़ा रहने से स्थिति खराब हो रही है। गर्मी और उमस के बीच कूड़े से उठती बदबू लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गई है। शहर के कई हिस्सों में हालात ऐसे हैं कि राहगीर बदबू से बचने के लिए मुंह ढककर निकल रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
डंपिंग प्वाइंट बढ़े, हर तरफ बदबू और गंदगी
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर सिर्फ कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं है। नियमित सफाई और कूड़ा उठान नहीं होने से जगह-जगह अस्थायी डंपिंग प्वाइंट जैसे हालात बन गए हैं। खाली जगहों, सड़कों के किनारे और कॉलोनियों के आसपास कचरा जमा होता जा रहा है। कूड़े में सड़न शुरू होने से बदबू फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो रहा है। लोगों को डर है कि यदि यही स्थिति कुछ दिन और बनी रही तो कचरे के ढेर मच्छरों और मक्खियों के लिए भी पनाहगाह बन सकते हैं।
संक्रमण का खतरा बढ़ा, सेहत पर सीधा असर
शहर में गंदगी और जमा कूड़े के बीच स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। गंदगी, बदबू और बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी संक्रमण फैलाने वाले मच्छरों और अन्य कीटों के लिए अनुकूल माहौल बना सकता है। शहर में वायरल, बुखार, पेट संबंधी दिक्कत और त्वचा से जुड़ी शिकायतों को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। ऐसे में सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रहने से आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को गंदगी वाले इलाकों से दूर रखने की जरूरत है।
कर्मचारी बोले- अब आर-पार की लड़ाई, कार्रवाई से नहीं डरेंगे
धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि अब आंदोलन पीछे नहीं लिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर अभी तक कोई ऐसा आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है, जिससे उन्हें लिखित तौर पर भरोसा हो सके। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें कार्रवाई का डर दिखाकर आंदोलन खत्म नहीं कराया जा सकता। उनकी प्रमुख मांग कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की है। कर्मचारियों ने हड़ताल को 13 सितंबर तक बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि अब सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई होगी।


