रोहतक : पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (PGIMS) के डेंटल कॉलेज के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुनाथ बीसी को अब विश्वविद्यालय और पीजीआईएमएस के जनसंपर्क विभाग ओर मेडिकल इलस्ट्रेशन विभाग की कमान सौंपी गई है। कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने उन्हें जनसंपर्क विभाग का सीनियर प्रोफेसर इंचार्ज नियुक्त कर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।
गौरतलब है कि डॉ. मंजुनाथ बीसी वर्ष 2012 से पीजीआईडीएस में सीनियर प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रशासन के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। कुलपति डॉ. अग्रवाल ने विश्वास जताया कि उनके अनुभव और कुशल नेतृत्व से विश्वविद्यालय की छवि और मजबूत होगी।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि पीजीआईएमएस प्रदेश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। यहां रोजाना हजारों मरीज आते हैं और शोध, नई तकनीक व मरीज सेवा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम जुड़ रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि इन उपलब्धियों और सुविधाओं की सही जानकारी समय पर समाज तक पहुंचे। डॉ. मंजुनाथ एक अनुभवी शिक्षक होने के साथ-साथ प्रशासनिक समझ भी रखते हैं। उनका शैक्षणिक अनुशासन और संवाद क्षमता संस्थान के जनसंपर्क विभाग को नई दिशा देगी।
नई जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. मंजुनाथ ने कुलपति डॉ एच के अग्रवाल का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि पीजीआई में होने वाले हर अच्छे कार्य को लोगों तक पहुंचाना ही उनका पहला लक्ष्य होगा। उनका प्रयास रहेगा कि मरीजों को अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, नई योजनाओं और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियानों की जानकारी समय पर और सरल भाषा में मिले। इसके लिए मीडिया, सोशल मीडिया और मीडिया से रिश्तों को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। डॉ. मंजुनाथ ने कहा कि वे सभी विभागों और हितधारकों के साथ सकारात्मक समन्वय बनाकर काम करेंगे ताकि संस्थान की हर सकारात्मक पहल जनता तक पहुंच सके।
डॉ. मंजुनाथ ने कहा कि जनसंपर्क विभाग की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में विश्वास जगाने और सही जानकारी पहुंचाने की भी है। वे चाहते हैं कि पीजीआई को लेकर आम आदमी के मन में यह भाव पैदा हो कि यह उसका अपना अस्पताल है।
डॉ. मंजुनाथ का प्रशासनिक अनुभव भी काफी समृद्ध है। वे राज्य लोक सूचना अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं और आम जनता से जुड़े आरटीआई मामलों को देखते रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय के रिसर्च कॉन्क्लेव और दीक्षांत समारोह जैसे बड़े कार्यक्रमों का आयोजन सचिव के रूप में सफल संचालन किया है। वे विश्वविद्यालय की रिसर्च प्रोजेक्ट एडवाइजरी कमेटी के सदस्य सचिव और सुश्रुत सभागार के अध्यक्ष भी हैं। रोहतक के सभी संपादकों और पत्रकारों से उनके मधुर संबंध हैं, जो इस नई जिम्मेदारी में उनके लिए सहायक सिद्ध होंगे।
अपने कार्यकाल में डॉ. मंजुनाथ ने विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के साथ मिलकर स्कूलों और गांवों में कई चिकित्सा एवं दंत जांच शिविर आयोजित कराए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके कई शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
डॉ मंजूनाथ की नियुक्ति के बाद कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ और अन्य विभागाध्यक्षों ने डॉ. मंजुनाथ को बधाई दी। निदेशक डॉ. सिंघल ने कहा कि पीजीआई की उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाना आज के समय की जरूरत है और डॉ. मंजुनाथ इस काम को पूरी निष्ठा से करेंगे। कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि उनके अनुभव से जनसंपर्क विभाग और अधिक मजबूत व प्रभावी बनेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि डॉ. मंजुनाथ के नेतृत्व में जनसंपर्क विभाग, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और इसके घटक संस्थानों की छवि को और ऊंचाई देगा।
डॉ. मंजुनाथ ने कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल का आभार जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय उनके नेतृत्व में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उनका प्रयास रहेगा कि मरीज सेवा, स्वास्थ्य अनुसंधान और छात्र शिक्षा से जुड़े सकारात्मक कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाए और विश्वविद्यालय के प्रति आम जनता में सकारात्मक सोच और बढ़े।

