Thursday, October 8, 2026
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विश्व दृष्टि दिवस पर PGIMS रोहतक ने दिया आंखों की देखभाल का संदेश

रोहतक : आंखें हैं तो जहान है – इसी संदेश के साथ पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने आज वर्ल्ड साइट डे पर प्रदेश के लोगों से अपनी आंखों से प्यार करने का आह्वान किया। अटल क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में आयोजित वर्ल्ड साइट डे जागरूकता अभियान का नेतृत्व कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया।

छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि दुनिया में 80 प्रतिशत अंधता ऐसी है जिसे समय पर जांच और इलाज से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज के मरीजों में डायबिटिक रेटिनोपैथी, बच्चों में बचपन से भेंगापन और मोतियाबिंद के कारण अंधता बढ़ रही है, जिसे सिर्फ जागरूकता से रोका जा सकता है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पीजीआईएमएस का लक्ष्य सिर्फ इलाज करना नहीं बल्कि हरियाणा को अंधता मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आंखों की देखभाल को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा और इसके लिए पीजीआईएमएस लगातार आउटरीच कैंप और जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। उन्होंने सभी युवाओं से साल में एक बार आंखों की जांच जरूर कराने की अपील की।

डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ एम जी वशिष्ठ ने बताया कि कुलपति डॉ अग्रवाल के मार्गदर्शन में एमबीबीएस, बीपीटी, बीएससी ऑप्टोमेट्री और पीजी छात्रों ने न्यू ओपीडी परिसर से जागरूकता रैली निकाली। आंखों की करो देखभाल, रोशनी रहेगी सालों साल” जैसे नारों से पूरे अस्पताल परिसर में नेत्र जागरूकता का संदेश गूंजा।

डीन डॉ अशोक चौहान ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी पैदा करते हैं।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुधीर अत्री ने बताया कि न्यू ओपीडी लॉबी में छात्रों द्वारा बनाई गई विशाल रंगोली सभी का ध्यान खींच रही थी। रंगोली के माध्यम से अपनी आंखों से प्यार करो का संदेश बहुत ही रचनात्मक तरीके से दिया गया। मरीजों और उनके परिजनों ने रुक-रुक कर रंगोली देखी और फोटो भी खिंचवाए।

अटल आरआईओ के विभागाध्यक्ष डॉ राजेंद्र चौहान ने बताया कि अभियान के तहत नेत्र रोग विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए। जिसमें कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से बचाव, ग्लूकोमा की समय पर पहचान, बच्चों में मायोपिया और एंबलायोपिया के शुरुआती लक्षण और डायबिटिक रेटिनोपैथी से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।
डॉ आर एस चौहान ने कहा कि इस वर्ष वर्ल्ड साइट डे की थीम अपनी आंखों से प्यार करो रखी गई थी।

कार्यक्रम में डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, डीन पीजीआईएमएस डॉ. अशोक चौहान, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुधीर अत्री और नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आर.एस. चौहान विशेष रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम में डॉ. मनीषा राठी, डॉ. नीभा पासी, डॉ. मनीषा नाडा, डॉ. उर्मिल चावला, डॉ. अशोक राठी, डॉ. सुमित सचदेवा, डॉ. ज्योति देसवाल, डॉ. रुचि डाबस, डॉ. मोनिका दहिया, डॉ. निधि, डॉ. स्वीटी और डॉ. हर्षिका ने सक्रिय भूमिका निभाई।

इन्होंने जीती पोस्टर प्रतियोगिता: डॉ ज्योति देशवाल ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में पीजी कैटेगरी में डॉ. मनीषा को प्रथम, डॉ. हिमांशु को द्वितीय और डॉ. करीना को तृतीय पुरस्कार मिला। वहीं बीएससी ऑप्टोमेट्री में भारती ने पहला, अंशु ने दूसरा और स्नेहा और मोहित ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने स्वयं सभी विजेता छात्रों को पुरस्कार वितरित किए और उनकी क्रिएटिविटी की जमकर सराहना की।

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