Monday, May 25, 2026
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Petrol-Diesel Price hike: तेल की आग अब रसोई तक पहुंची, चौथी बढ़ोतरी ने बढ़ाई हर घर की टेंशन

कविता.रोहतक : पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार चौथी बार हुई बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। इस बार पेट्रोल 2 रुपये 61 पैसे और डीजल 2 रुपये 71 पैसे महंगा हुआ है। शहर में अब पेट्रोल 103.03 रुपये प्रति लीटर, डीजल 95.67 रुपये प्रति लीटर और एक्स्ट्रा प्रीमियर पेट्रोल 111.84 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

तेल की इस बढ़ोतरी का असर अब सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी गर्मी सीधे रसोई, बाजार, खेत और रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंचने लगी है। राजेंद्र का कहना है कि हर नई बढ़ोतरी के साथ घर का बजट बिगड़ता जा रहा है।

डीजल महंगा होने से सबसे पहले सब्जियों, दूध, फल और राशन की ढुलाई प्रभावित होती है। रोहतक की मंडियों में आने वाला ज्यादातर सामान ट्रकों और छोटे कमर्शियल वाहनों से पहुंचता है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में रसोई का बजट और बिगड़ सकता है। सेक्टर 1, हाउसिंग बोर्ड में गृहिणियों सुनीता और मीना का कहना है कि पहले ही गैस सिलेंडर, दाल और तेल के दाम बढ़े हुए हैं, अब पेट्रोल-डीजल की मार ने खाने की थाली तक महंगी कर दी है।

सुनीता, राजेंद्र, विजय कुमार
सुनीता, राजेंद्र, विजय कुमार

सब्जी मंडियों में बढ़ सकती है महंगाई

महम, कलानौर, सांपला और आसपास के इलाकों से रोजाना बड़ी मात्रा में सब्जियां रोहतक मंडी पहुंचती हैं। डीजल की कीमत बढ़ने से किसानों और आढ़तियों का खर्च बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर तेल के दाम ऐसे ही बढ़ते रहे तो टमाटर, प्याज, आलू और हरी सब्जियों के रेट में जल्द उछाल देखने को मिल सकता है। इसका सीधा असर आम परिवारों की जेब पर पड़ेगा।

ऑटो, कैब और स्कूल वैन किराए बढ़ने के संकेत

शहर में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने एक बार फिर किराया बढ़ाने की बात शुरू कर दी है। उनका कहना है कि रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा अब तेल में ही निकल जाता है। कई स्कूल वैन संचालकों ने भी अभिभावकों को किराया बढ़ने के संकेत दिए हैं। अगर ऐसा हुआ तो बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी बढ़ जाएगा। नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस आने-जाने का खर्च अलग से परेशान कर रहा है।

खेती से कारोबार तक हर जगह असर

रोहतक जिले में खेती के लिए डीजल सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल है। ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और कटाई मशीनें डीजल पर ही निर्भर हैं। ऐसे में तेल महंगा होने से किसानों की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है। वहीं दुकानदार विजय कुमार का कहना है कि दुकान तक सामान पहुंचाने का खर्च बढ़ने से मुनाफा घट रहा है। कई व्यापारियों ने आने वाले दिनों में सामान के दाम बढ़ने की आशंका जताई है।

अब घूमना नहीं, जरूरत देख वाहन निकल रहे लोग

शहर में कई परिवारों ने अब गैरजरूरी यात्राएं कम करनी शुरू कर दी हैं। युवाओं का कहना है कि पहले जहां बिना सोचे बाइक या कार निकाल लेते थे, अब हर सफर से पहले पेट्रोल का हिसाब लगाया जाता है। कुछ लोग साझा वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेने लगे हैं। लगातार बढ़ते दामों ने मध्यम वर्ग की आर्थिक चिंता को और गहरा कर दिया है।

महंगाई की नई लहर का डर

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का असर धीरे-धीरे पूरे बाजार पर दिखाई देता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाद्य पदार्थों से लेकर कपड़े और निर्माण सामग्री तक सब प्रभावित होते हैं। रोहतक में भी लोग अब आशंका जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजें और महंगी हो सकती हैं।

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