Thursday, May 7, 2026
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हर मोड़ पर ‘सरप्राइज खतरा’ : गोवंश से टकराकर गिर रहे लोग, आखिर पहरावर में कब बनेगी नई गोशाला

नगर निगम ने बनाई थी योजना, पहरावर में बननी है नई गोशाला, अभी तक काम शुरू नहीं

गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक: शहर में इन दिनों सड़कों पर घूम रहे लावारिस गाय और सांड आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी और खतरा बन चुके हैं। खासकर दिल्ली रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर अचानक सड़क पर आ जाने वाले गोवंश के कारण हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बाइक सवार और वाहन चालक हर दिन जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई अभी तक नाकाफी साबित हो रही है।

सड़क पर खतरा बन चुके गोवंश

शहर की व्यस्त सड़कों पर दिन हो या रात, गोवंश खुलेआम घूमते नजर आते हैं। कई बार ये अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे बाइक सवार संतुलन खो बैठते हैं और हादसे हो जाते हैं। दिल्ली रोड पर ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या अब जानलेवा रूप ले चुकी है।

अस्थायी समाधान, स्थायी समस्या

नगर निगम की ओर से समय-समय पर इन पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजा जाता है, लेकिन यह समाधान ज्यादा समय तक टिक नहीं पाता। कुछ ही दिनों बाद वही पशु फिर सड़कों पर नजर आने लगते हैं। इससे साफ है कि समस्या की जड़ तक पहुंचने की बजाय केवल अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं, जो नाकाफी साबित हो रहे हैं।

योजना कागजों में, जनता इंतजार में

नगर निगम ने पहरावर में नई गोशाला बनाने की योजना जरूर बनाई थी, लेकिन अभी तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। 18 एकड़ जमीन पर बनने वाली इस गोशाला में 4000 से अधिक गोवंश रखने की क्षमता होगी। दावा किया जा रहा है कि निर्माण जल्द शुरू होगा, लेकिन जमीनी हकीकत में अभी तक कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही।

मौजूदा गोशाला में क्षमता से ज्यादा पशु

वर्तमान में निगम की गोशाला में करीब 2600 पशु पहले से ही मौजूद हैं, जो उसकी तय क्षमता से अधिक हैं। ऐसे में नए पशुओं को रखने के लिए जगह की भारी कमी है। निगम ठेकेदार को प्रति गाय 35 रुपये दे रहा है, जिसके तहत पशुओं के चारे और देखभाल की व्यवस्था की जाती है। लेकिन बढ़ती संख्या के सामने यह व्यवस्था भी कमजोर पड़ती दिख रही है।

हादसे बढ़े, शिकायतें भी तेज

गोवंश के कारण होने वाले हादसों को लेकर शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की है। रात के समय तो स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जब अंधेरे में पशु अचानक सामने आ जाते हैं। वाहन चालकों को न सिर्फ चोट लग रही है, बल्कि कई बार वाहनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नई गोशाला से मिलेगी राहत

नगर निगम की योजना के अनुसार, पहरावर में बनने वाली नई गोशाला आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जिसमें पशुओं के लिए शेड, भोजन, चिकित्सा और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। साथ ही बायोगैस और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन की भी सुविधा होगी, जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा। अगर यह योजना जल्द धरातल पर उतरती है, तो शहर को इस बड़ी समस्या से राहत मिल सकती है।

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