कविता.रोहतक : लोगों को घरों में साफ पानी के बजाय बदबूदार पानी मिल रहा है। सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड में पिछले दो दिन से पेयजल की गुणवत्ता खराब है, वहीं लाढ़ौत रोड, शास्त्री नगर और बसंत बहार के लोग करीब दो महीने से इस परेशानी से जूझ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तीन इलाकों में बीपीसीएल की ओर से पाइपलाइन बिछाने के दौरान पानी की पाइप में कट लग गया था। आरोप है कि इसे अब तक ठीक नहीं किया गया। ऐसे में घरों में आ रहे बदबूदार पानी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है। सवाल यह है कि जब समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार एजेंसी इसे दूर करने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठा रहे।
कहीं दो दिन से बदबू, कहीं दो महीने से परेशानी
शहर के अलग-अलग इलाकों में बदबूदार पानी की समस्या सामने आ रही है। सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड के निवासी पिछले दो दिन से इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। वहीं लाढ़ौत रोड, शास्त्री नगर और बसंत बहार में लोगों के अनुसार करीब दो महीने से बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। लंबे समय से समस्या बनी रहने के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कत हो रही है। पीने, खाना बनाने और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए पानी का इस्तेमाल करने से पहले लोगों को उसकी गुणवत्ता को लेकर चिंता करनी पड़ रही है।
बीपीसीएल की पाइपलाइन बिछाने के दौरान पानी की पाइप में कट लगने का आरोप
लाढ़ौत रोड, शास्त्री नगर और बसंत बहार में बदबूदार पानी आने की वजह पाइपलाइन से जुड़ी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीपीसीएल की ओर से पाइप बिछाने का काम किया गया था। इसी दौरान पेयजल की पाइप में कट लग गया। लोगों का आरोप है कि इस क्षति को ठीक नहीं किया गया, जिसके बाद से पानी की सप्लाई को लेकर परेशानी बनी हुई है। हालांकि, पाइप में कट और बदबूदार पानी के बीच संबंध की तकनीकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच से ही हो सकेगी।
इस्तेमाल को लेकर चिंता
पानी हर घर की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में सप्लाई में बदबू आने से लोगों के सामने यह सवाल खड़ा हो रहा है कि पानी इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित है या नहीं। खासकर खाना बनाने और पीने के लिए पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी हुई है। केवल बदबू के आधार पर पानी के दूषित होने की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन ऐसी शिकायत मिलने पर पानी के नमूनों की जांच और पाइपलाइन की तकनीकी पड़ताल जरूरी है। जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक लोगों को संदिग्ध पानी पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
दो महीने से समस्या, समाधान का इंतजार
लाढ़ौत रोड, शास्त्री नगर और बसंत बहार में करीब दो महीने से परेशानी बने रहने की शिकायत व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। यदि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है, तो उसकी मरम्मत और पानी की गुणवत्ता की जांच प्राथमिकता से होनी चाहिए। संबंधित विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मरम्मत के बाद सप्लाई सामान्य और सुरक्षित हो।
सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड में भी बदबूदार पानी की शिकायत सामने आने के बाद जांच जरूरी है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग समस्या की जड़ तक पहुंचकर कब तक समाधान करते हैं और लोगों को साफ पानी की सप्लाई कब मिलती है।

