रोहतक : यदि आप पीजीआईएमएस रोहतक में इलाज के लिए आ रहे हैं तो यह खबर आपके काफी काम की हो सकती है। अब बहुत जल्दी ही आपको पीजीआईएमएस में उच्च गुणवत्ता का विश्वस्तरीय इलाज मिलना प्रारंभ होगा। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलगुरू डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने प्रदेशवासियों को यह बहुत बड़ी सौगात देने की राह पर कदम बढा दिया है।
इसी कड़ी में गुरुवार को पीजीआई के लेक्चर थियेटर वन में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा गुणवत्ता यात्रा प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स (एनएबीएच) की महत्वता के बारे में विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों व स्टाफ सदस्यों को संबोधित करते हुए कुलगुरू डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और मरीजों को बेहतर देखभाल, सुरक्षित उपचार और उच्च मानकों की अपेक्षा है। हमें इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रयास करना होगा। एनएबीएच मान्यता हमें इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी।
डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा कि एनएबीएच मान्यता प्राप्त करना केवल आवश्यकताओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि यह गुणवत्ता, सुरक्षा और निरंतर सुधार की संस्कृति बनाने के बारे में है। हमें सिर्फ एनएबीएच की मान्यता तक ही सीमित नहीं रहना है अपितु हमें इससे भी आगे जाना है यह तो एक पहला कदम होना चाहिए। हमें एक टीम के तौर पर साथ मिलकर काम करना होगा और एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रयास करना होगा।
डाॅ. एच.के. अग्रवाल ने बताया कि हमारे पास एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, विशाल ओपीडी, मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक आदि हमारे कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि एनएबीएच मान्यता एक बडी जिम्मेदारी है जिससे हम दुनिया को दिखा सकते हैं कि हम सर्वश्रेष्ठ इलाज देने में सक्षम हैं।
कुलगुरु डॉ. के. अग्रवाल ने सभी विभागों से एनएबीएच मान्यता के लिए तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एक लंबी यात्रा है और हमें निरंतर प्रयास करते रहना होगा ताकि हम अपने रोगियों को सर्वोत्तम देखभाल प्रदान कर सकें।
चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रोग्राम के ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डाॅ. कुंदन मित्तल ने कहा कि कुलगुरू डाॅ.एच.के. अग्रवाल की इच्छा है कि प्रदेश की गरीब जनता को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिले, इसी कड़ी में उन्हें संस्थान को एनएबीएच मान्यता दिलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसलिए आज यह प्रोग्राम आयोजित करवाया गया है।
डाॅ. कुंदन मित्तल ने बताया कि एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने से अस्पतालों को अपनी गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है जो न केवल अस्पताल की गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि मरीजों के लिए भी लाभकारी होगा। डाॅ. कुंदन मित्तल ने कहा कि यह कार्यक्रम हमें एनएबीएच मान्यता के बारे में जागरूक करने और इसकी महत्वता को समझने में मदद करेगा। हमें उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर हम अपनी गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार करने के लिए प्रयास करेंगे। इसके लिए हमें अपनी टीम के साथ मिलकर काम करना होगा और गुणवत्ता को जमीनी स्तर पर सफल बनाना होगा।
डाॅ. सुखबीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में व्याख्यान देने आए विशिष्ट अतिथि जिंदल मेडिकल साइंस इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक डॉ. शेखर सिन्हा, एनएबीएच के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. अमन जैन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मोहम्मद सलीम ने एनएबीएच मान्यता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि कैसे एनएबीएच मान्यता अस्पतालों में गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्च मानकों को सुनिश्चित करती है। कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों और कर्मचारियों ने एनएबीएच मान्यता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपनी शंकाओं का समाधान किया।

