Offering of Liquor Kalbhairav: जो भी भक्त धर्मनगरी उज्जैन में महाकालेश्वर का दर्शन करने के लिए जाते हैं वो उनके सेनापति कालभैरव के दर्शन के लिए अवश्य जाते हैं. माना जाता है कि जब तक कालभैरव के दर्शन ना किये जाये तब तक महाकाल के दर्शन करने का कोई पुण्य प्राप्त नहीं होता है. इसलिए प्रतिदिन महाकालेश्वर मंदिर के साथ-साथ कालभैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहती है.
01 अप्रैल 2025 से मध्यप्रदेश के 19 धार्मिक क्षेत्रों में शराबबंदी लागू कर दी गई है. ऐसे में उज्जैन में भी नए नियम लागू हो गए हैं. इस नियम के तहत नगर निगम की परिसीमा में शराब के विक्रय पर रोक लगा दी गई है. अब स्थिति यह बन चुकी है कि भगवान कालभैरव के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिर के बाहर भगवान को भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पा रही है.
Offering of Liquor Kalbhairav: अब अपने साथ ही लाना होगा शराब
शराबबंदी को लेकर नए नियम के अंतर्गत नगर निगम की परिसीमा में शराबबंदी किए जाने से भगवान कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए श्रद्धालुओं को अपने साथ ही शराब लेकर आना होगा. कालभैरव का मंदिर नगर निगम सीमा के अंतर्गत आता है इसलिए वहां पर श्रद्धालुओं को भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिलेगी. इन नियमों को पालन करने के लिए पुलिस और प्रशासन दोनों पूरी सख्ती दिखा रहे हैं. शहर में आने वाले मुख्य सड़कों पर चेकिंग हो रही है. जो निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में शराब लेते हुए पकड़े जायेंगे उनके खिलाफ कार्रवाही की जाएगी.
मंदिर के बाहर शराब की बिक्री बंद