Monday, September 14, 2026
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झज्जर-भिवानी से आते, रोहतक में बाइक उड़ाते, 13 दिन में 9 वाहन चोर गिरफ्तार

कविता.रोहतक : बाइक या स्कूटी खड़ी करने के बाद अब जरा संभलकर आगे बढ़ना होगा। शहर में सक्रिय वाहन चोरों के नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो चोरी की वारदातों के तार पड़ोसी जिलों तक जा पहुंचे।

1 से 13 सितंबर के महज 13 दिनों में पुलिस ने 9 वाहन चोरों को गिरफ्तार कर 10 बाइक और स्कूटी बरामद की हैं। इनमें चार आरोपी झज्जर और भिवानी जिले के गांवों के रहने वाले हैं। यानी पड़ोसी जिलों के युवक रोहतक पहुंचकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। बाकी पांच आरोपी रोहतक शहर और आसपास के गांवों से जुड़े हैं।

बाहर से आते थे, रोहतक में तलाशते थे आसान शिकार

पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों के गांवों के नाम सामने आए तो तस्वीर और दिलचस्प हो गई। झज्जर के रामपुरा निवासी रामअवतार और छारा निवासी संदीप के कब्जे से एक-एक बाइक बरामद हुई। वहीं भिवानी के बामला निवासी रोहित और तिगड़ाना निवासी कपिल भी एक-एक बाइक के साथ पकड़े गए। चारों आरोपी रोहतक के नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों के गांवों से हैं। इससे वाहन चोरी के मामलों में रोहतक का बाहरी कनेक्शन सामने आया है।

शहर के साथ गांवों तक फैली चोरों की कड़ी

वाहन चोरी का यह खेल केवल बाहर से आने वाले युवकों तक सीमित नहीं था। पुलिस ने रोहतक और आसपास के इलाकों में भी कार्रवाई की। विजय नगर निवासी कमल और झज्जर चुंगी निवासी प्रशांत से दो स्कूटी और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। भराण निवासी प्रिंस से दो बाइक मिलीं। वहीं मदीना निवासी आस मोहम्मद और विष्णु के कब्जे से एक बाइक बरामद की गई। यानी पुलिस के हाथ शहर से लेकर गांवों तक फैली चोरी की कड़ी लगी है।

आंकड़ा बता रहा चोरी का खेल

महज 13 दिनों में 9 आरोपियों का पकड़ा जाना और उनके कब्जे से 10 वाहन मिलना मामूली कार्रवाई नहीं है। यह आंकड़ा इस ओर इशारा करता है कि रोहतक में वाहन चोरी की वारदातें लगातार पुलिस के रडार पर हैं। एक के बाद एक गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने न केवल चोरी के वाहन बरामद किए, बल्कि यह भी पता लगाया कि इस धंधे में स्थानीय लोगों के साथ दूसरे जिलों के युवक भी जुड़े हुए हैं।

रोहतक क्यों बना चोरों की पसंद

चार आरोपी झज्जर और भिवानी के गांवों से पकड़े जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रोहतक ही क्यों, क्या आरोपी यहां वाहन खड़े रहने वाले ऐसे स्थानों की रेकी करते थे, जहां चोरी करना आसान हो, क्या चोरी के बाद वाहन दूसरे जिले में ले जाए जाते थे, या फिर रोहतक में ही इनके खरीदार मौजूद थे, पुलिस की जांच इन सवालों के जवाब तलाशने की दिशा में बढ़ सकती है।

10 बरामद वाहनों से खुलेगी चोरी की पूरी कहानी

पुलिस के हाथ लगी बाइक और स्कूटी इस मामले की सबसे अहम कड़ी हैं। इनके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि आरोपियों का आपस में क्या कनेक्शन है। अगर जांच में चोरी के वाहनों को खपाने वाले लोगों के नाम सामने आते हैं तो यह कार्रवाई सिर्फ 9 आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई ने इतना साफ कर दिया है कि रोहतक में वाहन चोरी का खेल केवल स्थानीय चोरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कड़ी झज्जर और भिवानी के गांवों तक भी पहुंची हुई है।

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