रोहतक के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को उत्तरदायी एवं पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। जन शिकायतों का समाधान संवेदनशीलता, जवाबदेही और ठोस परिणामों के साथ सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायतों का धरातल पर वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जायेगा। जिला प्रशासन ने नागरिक-सत्यापित शिकायत निवारण तंत्र प्रारंभ किया है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता समाधान समीक्षा बैठक में निर्देश जारी कर चुके है कि संबंधित विभागाध्यक्ष शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद स्थापित करेंगे। शिकायत निवारण के लिए की गई कार्रवाई की भी स्पष्ट जानकारी देंगे ताकि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही शिकायत का निपटान किया जा सकें। उपायुक्त के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि शिकायतों को मात्र नियमित फाइल कार्य न समझें बल्कि इसे सुशासन की जिम्मेदारी के रूप में लें।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन ने जन शिकायतों के प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणाम-आधारित समाधान के उद्देश्य से एक नया नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण अपनाया है। प्रशासन अब मात्र औपचारिक निस्तारण प्रणाली से आगे बढक़र नागरिक-संतुष्टि आधारित मॉडल की ओर अग्रसर है। इस मॉडल के अंतर्गत प्रत्येक शिकायत को तब तक निस्तारित नहीं माना जाएगा, जब तक संबंधित नागरिक स्वयं समाधान की पुष्टि न कर दें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारा लक्ष्य कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि जमीनी स्तर पर समाधान की पुष्टि के लिए नई व्यवस्था के तहत जिला स्तर पर एक कॉलिंग सेल स्थापित किया जा रहा है, जो शिकायतों के निस्तारण के उपरांत सीधे शिकायतकर्ताओं से संपर्क करेगा। कॉलिंग सेल के प्रमुख कार्य में शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर समाधान की पुष्टि करना, नागरिकों की संतुष्टि का स्तर दर्ज करना, आवश्यक होने पर मामलों को पुन: खोलना या सुधारात्मक कार्रवाई करना व शिकायतों की पुनरावृत्ति को कम करना होगा। इस पहल से जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा औपचारिक निस्तारण की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी, जिससे शिकायत निवारण प्रणाली में आमजन का विश्वास और सुदृढ़ होगा।
उपायुक्त ने पेयजल को नागरिकों की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समन्वित ग्रीष्मकालीन कार्य योजना तैयार की जाए। उपायुक्त ने समाधान शिविर, जनसंवाद, सीएम विंडो, सीपीग्राम्स तथा एसएमजीटी पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। डिजिटल डैशबोर्ड की नियमित निगरानी की जाए। तथ्यात्मक, समयबद्ध एवं फील्ड सत्यापन आधारित समाधान सुनिश्चित किए जाएं।
सचिन गुप्ता ने स्पष्ट किया कि शिकायत निवारण की प्रगति की उच्च स्तर पर निरंतर निगरानी की जा रही है तथा किसी भी प्रकार की देरी, त्रुटि या लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में नगराधीश अंकित कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रमुख तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

