रोहतक : प्रदेश वासियों को ओरल कैंसर से बचाने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज ने ओरल कैंसर के इलाज की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए कैंसर के खिलाफ जंग में नई उम्मीद जगाई है और यह मरीजों के लिए एक वरदान की तरह साबित होगा। ओरल कैंसर एक ऐसा भयावह कैंसर है जिसकी स्टेज बढ़ जाने पर इंसान का चेहरा तो खराब हो ही सकता है वहीं उसे खाने में भी बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पडता है। ऐसे में ओरल कैंसर की समय पर पहचान होनी बहुत जरूरी है।
यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एच के अग्रवाल का। वें सोमवार को डेंटल कॉलेज में हरियाणा सरकार के सहयोग से स्थापित किए गए ओरल प्री कैंसर और कैंसर क्लीनिक का शुभारंभ करने पहुंचे थे।
डॉक्टर एच के अग्रवाल ने कहा कि यह क्लीनिक मरीजों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की जांच और उपचार के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि स्पेशल क्लीनिक में जल्द ही एआई तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा ताकि बिल्कुल शुरुआत में भी कैंसर की पहचान हो सके। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ओरल कैंसर एक गंभीर समस्या है, लेकिन शुरुआती पहचान से इसका इलाज संभव है। हर साल भारत में लगभग 1 लाख लोग ओरल कैंसर से प्रभावित होते हैं।
निदेशक डॉक्टर एस के सिंघल ने कहा कि यह क्लीनिक डेंटल कॉलेज की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा।
डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉक्टर एमजी वशिष्ठ ने कहा कि यह क्लीनिक छात्रों को कैंसर के बारे में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने में भी मदद करेगा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर कुंदन मित्तल ने बताया कि क्लीनिक में आधुनिक उपकरणों और तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि मरीजों को सर्वोत्तम संभव उपचार प्रदान किया जा सके।
प्राचार्य डॉ संजय तिवारी ने कहा कि यह क्लीनिक डेंटल कॉलेज की प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा और मरीजों को जानलेवा बीमारी से निजात दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
ओरल कैंसर क्लीनिक की इंचार्ज डॉ अंबिका गुप्ता ने बताया कि क्लीनिक में मरीजों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की जांच, बायोप्सी, और उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।
डॉ हरनीत सिंह ने कहा कि क्लीनिक में मरीजों को परामर्श और शिक्षा भी प्रदान की जाएगी ताकि वे अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक रहें। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग दांत के छोटे टुकड़े को निकलवाते नहीं है और वह भविष्य में ओरल कैंसर का कारण बन सकता है।
डाॅ. हरनीत सिंह ने बताए ओरल कैंसर के प्रमुख लक्षण
- मुंह में सफेद या लाल धब्बे
- मुंह में दर्द या जलन
- गले में गांठ या सूजन
- दांतों का ढीलापन
- खाने या पीने में कठिनाई
इस अवसर पर डॉ लवीना, डॉक्टर चीना,डॉक्टर कोमल, डॉक्टर संजीव प्रसाद, डॉ मन्नू राठी, डॉक्टर वीरेंद्र ,डॉ माला, डॉक्टर अंशुल, डॉ मंजूनाथ, डॉ आदर्श, डॉक्टर विपुल सहित समस्त डेंटल कॉलेज की फैकल्टी उपस्थिति रही।

