कविता.रोहतक : पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के प्रशासनिक ढांचे में एक बार फिर बदलाव हुआ है। डॉ. सुरेश कुमार सिंघल को निदेशक पद से हटाकर डॉ. मदन गोपाल वशिष्ठ को निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से डॉ. सुरेश सिंघल की दोबारा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के आदेश पर लोक भवन से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। हरियाणा सरकार की सिफारिश के बाद जारी आदेश के तहत डॉ. एमजी वशिष्ठ अब विश्वविद्यालय के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद निदेशक पद पर प्रशासनिक बदलाव की जरूरत पैदा हो गई थी। ऐसे में सरकार ने नए आदेश जारी कर डॉ. वशिष्ठ को जिम्मेदारी सौंप दी है।
हाईकोर्ट ने नियुक्ति पर लगाई थी रोक
डॉ. सुरेश कुमार सिंघल की निदेशक पद पर दोबारा नियुक्ति को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को जारी पुनर्नियुक्ति आदेश पर 17 अक्टूबर को अंतरिम रोक लगा दी थी। अदालत के इस आदेश के बाद उनकी दोबारा नियुक्ति पर सवाल खड़े हो गए थे।
पहले भी निदेशक पद को लेकर रहा विवाद
निदेशक पद को लेकर पहले भी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं। डॉ. सुरेश सिंघल की पुनर्नियुक्ति से पहले भी इस पद पर जिम्मेदारियों को लेकर बदलाव हुआ था। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद सरकार ने डॉ. एमजी वशिष्ठ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर नया प्रशासनिक इंतजाम किया है।
अब प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी वशिष्ठ पर
डॉ. मदन गोपाल वशिष्ठ के पास निदेशक पद का अतिरिक्त कार्यभार रहेगा। उनके सामने संस्थान के प्रशासनिक और चिकित्सकीय कामकाज को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। पीजीआईएमएस प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है, ऐसे में निदेशक पद पर हुए इस बदलाव को संस्थान के प्रशासनिक लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

