Rohtak News : विधायक भारत भूषण बत्रा ने सर्दियों के मौसम में घने कोहरे के कारण सड़कों पर कम होती दृश्यता और इसके चलते बढ़ रहे सड़क हादसों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कोहरा केवल एक प्राकृतिक समस्या नहीं है, बल्कि लापरवाही के साथ मिलकर यह जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे समय में हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य बनता है कि वह अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।
विधायक बत्रा ने जारी बयान में जनसामान्य से अपील की कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि तेज गति, मोबाइल का प्रयोग और यातायात नियमों की अनदेखी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी खिलाफ है। उन्होंने विशेष रूप से युवा वर्ग को संबोधित करते हुए कहा कि नववर्ष के उत्साह में देर रात तक अकारण सड़कों पर वाहन दौड़ाना एक गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है, जिससे खुद के साथ कई निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
विधायक ने कहा कि समाज में अनुशासन, संयम और जिम्मेदारी जैसे नैतिक मूल्य ही सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण की नींव होते हैं। यदि हर व्यक्ति अपने आचरण में सावधानी और संवेदनशीलता अपनाए, तो कई दुर्घटनाओं और त्रासदियों को रोका जा सकता है।
AQI स्तर पर भी गंभीर चिंता जताई
विधायक भारत भूषण बत्रा ने शहर में लगातार बढ़ते *एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI)* स्तर पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण अब केवल पर्यावरण का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। जहरीली हवा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए अत्यंत खतरनाक है और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
विधायक बत्रा ने प्रशासन से अपील की कि बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए ठोस और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी, खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई, औद्योगिक प्रदूषण की नियमित जांच तथा हरित पट्टी और पौधारोपण को बढ़ावा देने जैसे उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।
जनजागरूकता अभियान चलाना भी आवश्यक
बतरा ने कहा कि प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान चलाना भी आवश्यक है, ताकि लोग यह समझ सकें कि स्वच्छ हवा और सुरक्षित सड़कें केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी हैं।
बत्रा ने कहा कि यदि प्रशासनिक कार्रवाई और नागरिकों के नैतिक दायित्व साथ-साथ निभाए जाएं, तभी एक सुरक्षित, स्वस्थ और जिम्मेदार समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने सभी से अपील की कि नियमों का पालन करें, संयम बरतें और मानव जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

