Weather Updates : मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। हरियाणा के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में पश्चिमी मौसम प्रणाली द्वारा जाते-जाते हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चरम गतिविधियों को दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा एनसीआर दिल्ली में कमजोर पड़े पश्चिमी विक्षोभ की टेल को अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमी पहुंचने से 31 मार्च को सुबह से ही गरज चमक के बादलों का निर्माण शुरू हो गया और दोपहर तक मौसम ने करवट ली और हरियाणा के पश्चिमी जिलों में तेज गति की हवाओं और हल्की बारिश बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि निम्नलिखित स्थानों पर जिनमें फतेहाबाद,सिरसा आसपास (बनवाला जाखोदखेरा),हिसार और आसपास ( मंगाली काबरेल दमकौरा, आदमपुर बालसंबद सिवानी मातरशाय,किरतान खारिया,सिसवाला रावलबास, दमकौरा शाहपुर,)भिवानी और आसपास ( केरू) और दक्षिणी जिलों चरखी दादरी और आसपास (कादमा), महेंद्रगढ़ और आसपास (पडतल भोजावास जड़वा कनीना के आसपास) रेवाड़ी आसपास और ( बाबल) गुड़गांव फरीदाबाद पलवल मेवात और सोनीपत जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने अंधड़ आंधी और हल्की बारिश बूंदाबांदी और ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया।
इस पश्चिमी मौसम प्रणाली का असर हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर रात्रि तक रहेगा। 1 और 2 अप्रैल को सम्पूर्ण इलाके में केवल आंशिक बादल वाही देखने को मिलेगी और केवल हरियाणा के उत्तरी जिलों में एक दो स्थानों पर छिट-पुट बूंदाबांदी ही देखनें को मिलेगी शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम आमतौर पर परिवर्तन शील परन्तु शुष्क बना रहेगा। अप्रैल महीने के पहले पखवाड़े में बैक टू बैक तीन चार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम आमतौर पर परिवर्तन शील बना रहेगा।

