Thursday, April 25, 2024
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रोहतक में गेंहू के लिए मंडियां तैयार लेकिन दूसरे दिन भी नहीं पहुंचे किसान

रोहतक। रोहतक में गेंहू के लिए मंडियां तैयार हैं लेकिन एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद दूसरे दिन भी किसान गेंहू की फसल लेकर मंडी नही पहुँचे। हालांकि सरसो की सरकारी खरीद 26 मार्च से शुरू हुई थी बावजूद इसके भी अब तक मात्र 200 क्विंटल के करीब सरसो की खरीद हुई है।

ऐसा माना जा रहा हैं कि पिछले दिनों रोहतक में हुई ओलावृष्टि के कारण काफी फसल खराब हो चुकी है। वही आढ़तियों ओर किसानों का कहना है कि सरकार आढ़तियों ओर किसानों को खत्म करने पर लगी हुई है। मंडी अधिकारियो ने किसानो को स्पष्ठ किया है कि किसान अपनी फसल को सुखा कर लाए।

1 अप्रैल से प्रदेश भर की मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हो गई है लेकिन रोहतक अनाज मंडी में अभी तक एक भी दाना गेहूं का नहीं पहुंचा है, हालांकि सरसों की खरीद 26 मार्च से शुरू हुई थी लेकिन अब तक मात्र 200 क्विंटल ही सरसों की खरीद हो पाई है, ऐसा माना जा रहा है कि पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश की वजह से फसल खराब हो चुकी है।

वहीं जहां मंडी अधिकारियों का कहना है कि किसानों के लिए पानी खाने-पीने यहां तक की टीवी देखने की भी व्यवस्था की गई है तो वही किसानों का कहना है की सरकार उन्हें खत्म करने पर लगी हुई है। किसानों ने कहा कि वह फसल लेकर आते हैं लेकिन अधिकारी फसल में नमी होने का बहाना बना नहीं खरीदते। वहीं आढ़तियों का कहना है कि सरकार आढ़तियों को भी खत्म करने पर लगी हुई है। सरकार जानबूझकर ऐसी व्यवस्था कर रही है ताकि किसान मजबूरी में अपनी फसल प्राइवेट कंपनियों को भेज सके।

किसान ओमप्रकाश का कहना है कि पहले ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश की वजह से उनकी लगभग फसल खराब हो गई अब थोड़ी बहुत बची थी उसे लेकर आए तो कहीं नमी का बहाना बनाया गया तो कहीं खरीद नहीं हो पाई इसलिए वह परेशान है और सरकार जो दावे कर रही है वह पूरी तरह से निराधार है। वही मंडी में आढ़ती का काम करने वाले ओमप्रकाश ने बताया की सरकार जानबूझकर ऐसी व्यवस्था बनाए हुए हैं ताकि किसान अपनी फसल मंडी में लेकर आए तो प्राइवेट कंपनियां उनकी फसल खरीदें, इसलिए सरकार कोई व्यवस्था नहीं बनाए हुए हैं।

वहीं दूसरी ओर मंडी के सेक्टरी देवेंद्र कुमार का कहना है कि किसानों के लिए हर प्रकार की सुविधा मुहैया कराई गई है, चाहे खाने की कैंटीन हो या फिर पानी और बैठने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि किसान सहायता केंद्र भी बनाया गया है ताकि किसान अपनी शिकायत दर्ज करवा सके। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि किसान अपनी फसल सुखाकर ही लेकर आए ताकि उन्हें कोई दिक्कत ना हो।

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