उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति गठित, प्रक्रियाएं होंगी और सरल
चंडीगढ़ : लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नियम-16 के नियम-7 के उपनियम (1) में संशोधन करते हुए प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति के गठन का निर्णय लिया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधित नियम अब हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) नियम, 2026 के नाम से जाने जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों से संबंधित विभिन्न अनुमतियों एवं स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाना है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
गठित समिति में संबंधित जिले का उपायुक्त अध्यक्ष होगा, जबकि विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। इनमें बिजली निगमों के अधीक्षक अभियंता, उप आबकारी आयुक्त, जिला नगर योजनाकार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, उप-सहायक श्रमायुक्त, जिला श्रम आयुक्त, औद्योगिक सुरक्षा कार्यालय के सहायक निदेशक, मुख्य कारखाना निरीक्षक, औषधि निरीक्षक, एचएसआईआईडीसी एवं एचएसवीपी के संपदा अधिकारी, नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी या नगर निगम के संयुक्त आयुक्त, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, आयुष विभाग एवं अक्षय ऊर्जा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, मंडलीय वन अधिकारी, जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक/उप-निदेशक तथा जिला एमएसएमई संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त, जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक/उप-निदेशक को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह समिति उद्योगों से संबंधित मामलों के त्वरित निपटान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगी, जिससे निवेशकों को ‘Ease of Doing Business’ के तहत बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

