Saturday, March 21, 2026
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राजस्व प्रशासन में बड़ा डिजिटल सुधार शुरू : पटवारियों और कानूनगो के लिए 4,156 स्मार्ट टैबलेट की खरीद को मिली मंजूरी

हरियाणा सरकार ने राजस्व प्रशासन में एक महत्वपूर्ण डिजिटल सुधार की शुरुआत करते हुए राज्य भर में पटवारियों और कानूनगो के लिए 4,156 स्मार्ट टैबलेट की खरीद को मंजूरी दी है। यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल द्वारा अनुमोदित की गई है। इसका उद्देश्य फील्ड संचालन का आधुनिकीकरण करना, प्रक्रियागत देरी को कम करना और राजस्व सेवाओं की समग्र डिलीवरी में सुधार लाना है।

वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि यह पहल सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत तकनीक को कार्यालयों और शहरी केंद्रों से आगे बढ़ाकर फील्ड स्तर तक पहुंचाया जा रहा है, जहां अधिकारी सीधे नागरिकों से संपर्क करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम फील्ड स्टाफ और आम जनता दोनों के लिए लाभकारी होगा, क्योंकि इससे सेवाएं अधिक सुलभ, कुशल और पारदर्शी बनेंगी, विशेष रूप से ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में।

दशकों से पटवारी और कानूनगो मैनुअल रिकॉर्ड, हाथ से बने नक्शों और व्यापक कागजी कार्यवाही पर निर्भर रहे हैं, जिससे प्रक्रिया समय लेने वाली और शारीरिक रूप से कठिन रही है। इन टैबलेट के आने से अब अधिकारी फील्ड सर्वे कर सकेंगे, डेटा दर्ज कर सकेंगे, जीपीएस-टैग्ड तस्वीरें ले सकेंगे और जानकारी को सीधे रियल टाइम में केंद्रीय सर्वरों पर अपलोड कर सकेंगे। वॉइस-टू-टेक्स्ट सुविधा डेटा एंट्री को और सरल बनाएगी, जिससे मेहनत कम होगी और सटीकता बढ़ेगी।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि इन टैबलेट में उच्च स्तर के फीचर्स होंगे, जिनमें बड़ा डिस्प्ले, उन्नत प्रोसेसिंग क्षमता, पर्याप्त स्टोरेज और पूरे दिन के फील्ड कार्य के लिए लंबी बैटरी लाइफ शामिल है। 5G और LTE कनेक्टिविटी के साथ-साथ जीपीएस और इमेजिंग सुविधाएं इन्हें दूरदराज और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से काम करने योग्य बनाती हैं।

सभी 4,156 टैबलेट को दो साल के क्लाउड-होस्टेड लाइसेंस के साथ मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे सरकार इन उपकरणों की रियल टाइम में निगरानी, अपडेट, सुरक्षा और प्रबंधन कर सकेगी, जिससे संचालन की निरंतरता, डेटा की शुद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस पहल के हर पहलू में पारदर्शिता और जवाबदेही को शामिल किया गया है, चाहे वह खरीद प्रक्रिया हो, जो निर्धारित सरकारी मानकों का कड़ाई से पालन करेगी, या प्रत्येक डिवाइस का दैनिक संचालन।

डिजिटल उपकरणों के उपयोग से राजस्व सेवाओं में देरी कम होने, त्रुटियों में कमी आने और विसंगतियों को रोकने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से किसानों को तेज, विश्वसनीय और घर-घर तक सेवाएं मिलने का लाभ होगा, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सभी उपकरणों को एक केंद्रीकृत प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने से निरंतर निगरानी, समय पर अपडेट और बेहतर डेटा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा, बल्कि पूरे राज्य में राजस्व संचालन में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि फील्ड अधिकारियों को रियल टाइम डिजिटल उपकरणों से लैस करने से भूमि अभिलेख प्रबंधन, फसल सर्वेक्षण और आपदा आकलन अधिक सटीक और प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल जमीनी स्तर पर अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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