रोहतक में शुक्रवार को सुनारिया चौक के आसपास सर्विस स्टेशन पर बाल मजदूर की सूचना मिलने पर एम. डीडी. ऑफ इंडिया के सहायक विकास तथा मानव तस्करी रोधी टीम के सदस्यों रवि मलिक , अरुण कुमार द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान 4 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया।
एक बच्चा (उम्र लगभग 11 वर्ष) सर्विस स्टेशन पर पाया गया,दूसरा बच्चा (उम्र लगभग 13वर्ष) सर्विस स्टेशन पर कार्यरत था, 2 बच्चे (उम्र लगभग 16 वर्ष) सर्विस स्टेशन पर काम करते पाए गए। 3 बच्चे उत्तर प्रदेश तथा एक बच्चा बिहार का निवासी है, जो यहां मजदूरी कर रहे थे।
रेस्क्यू के पश्चात सभी बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, रोहतक के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक, सदस्य एडवोकेट विकास अत्री व उषा रानी सदस्य,द्वारा बच्चों के माता-पिता एवं परिजनों को बुलाकर काउंसलिंग की गई। उन्हें स्पष्ट रूप से समझाया गया कि यदि भविष्य में बच्चों से मजदूरी करवाई गई तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
माता-पिता ने आगे से बच्चों से मजदूरी न करवाने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया। इसके साथ-साथ संबंधित सर्विस स्टेशन के मालिकों को भी सख्त चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में बाल मजदूर रखते पाए गए तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
इस अवसर पर चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने कहा कि “रोहतक जिले की सभी दुकानों, होटल, नर्सिंग होम, फैक्ट्रियों, ईंट-भट्टों एवं अन्य प्रतिष्ठानों से अपील है कि किसी भी बच्चे से मजदूरी या ऐसा कोई कार्य न करवाएं जिससे बच्चे के शारीरिक, मानसिक या शैक्षणिक हितों को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने रोहतक के सभी नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं भी बाल मजदूरी या बच्चों के शोषण का मामला दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन या चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सूचित करें।

