कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से फसलों में होने वाले नुकसान के मद्देनजर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2024 में धान, कपास, मक्का तथा बाजरा की फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 तय की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने यह जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ सीजन में इस योजना के तहत किसान अपनी धान, कपास, मक्का तथा बाजरा की फसलों का बीमा आगामी 31 जुलाई 2024 तक करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अब यह योजना ऋणी व गैर-ऋणी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। यदि ऋणी किसान इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते तो वे अपने बैंक में लिखित आवेदन करके योजना से बाहर हो सकते हैं। यदि ऋणी किसान स्कीम से बाहर होने के लिए तय सीमा तक संबंधित बैंक में आवेदन नहीं करता तो बैंक किसान की फसलों का बीमा करने के लिए अधिकृत या बाध्य होंगे। गैर ऋणी किसान ग्राहक सेवा केन्द्र या बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से अपनी फसल का बीमा करवा सकता है। यदि कोई किसान पहले से नियोजित फसल को बदलता है तो उसे अंतिम तिथि से कम से कम दो दिन पहले 29 जुलाई तक फसल बदलाव का ब्यौरा बारे बैंक को सूचित करना होगा। जिला कैथल में एग्रीकल्चर इन्श्योरेन्स कंपनी ऑफ इंडिया प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू कर रही है।
उपनिदेशक ने कहा कि जिला के किसान धान की फसल के लिए मात्र 2023.80 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम पर 1,01,190 रुपये का बीमा करवा सकते हैं। इसी प्रकार कपास के लिए 5176.25 रुपये प्रीमियम पर 103525 रुपये का बीमा, मक्का की फसल के लिए 1037.84 रुपये प्रीमियम पर 51892 का बीमा तथा बाजरा की फसल का मात्र 975.58 रुपये प्रीमियम प्रति हैक्टयेर पर 48779 रुपये का बीमा करवा सकते हैं।