Tuesday, February 17, 2026
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पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा बाेले- लाडो लक्ष्मी योजना में महिलाओं के साथ धोखा कर रही सरकार

रोहतक : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ मजाक करने और धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है।

हुड्डा ने बताया कि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वतः लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने रोहतक स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत
भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने रोहतक स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए । 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने रोहतक स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले पंचायत विभाग में कार्यरत CPLO कर्मियों ने हुड्डा को ज्ञापन सौंपा। कर्मियों ने बताया कि उनकी भर्ती विज्ञापन संख्या 01/19-21 HPPA-07 के अनुसार दिसम्बर 2023 में CPLO पद के लिए की गई थी। इसके लिए 1000 रुपये फॉर्म फीस ली गई तथा प्री और मेन्स दोनों परीक्षाएं करवाई गईं। लेकिन रिजल्ट के समय भर्ती का स्वरूप बदलकर CPLO को ASK ऑपरेटर और LCLO दो भागों में बांट दिया गया। ASK ऑपरेटर का वेतनमान 6000 रुपये मासिक तथा LCLO का केवल कमीशन निर्धारित किया गया। कर्मियों को गलत पोस्ट पर जॉइनिंग दी गई, जो नियमों के विरुद्ध और असंवैधानिक है। हुड्डा ने कहा कि सरकार को इन कर्मियों की मांगों एवं समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए तथा शीघ्र समाधान निकालना चाहिए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगे कहा कि भाजपा ने हरियाणा की अर्थव्यवस्था का बंटाधार कर दिया है। चार्वाक की नीति पर चलते हुए सरकार ने लगातार कर्ज बढ़ाया है। 1966 से 2014 तक राज्य पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। यह प्रदेश की आर्थिक बदहाली को दर्शाता है।

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