Rohtak News : ब्लड बैंकों में खून का काला कारोबार करने वालों पर अब लगाम लगेगी। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को इंटास कंपनी द्वारा एक तीन काउच की ब्लड डोनेशन वैन भेंट की गई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने रिबन काटकर और हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया।
शुभारंभ के इस शुभ अवसर पर कुल सचिव डॉक्टर रूप सिंह निदेशक डॉक्टर एस के सिंघल, डीन एकेडमीक अफेयर्स डॉ एमजी वशिष्ठ, डीन पीजीआईएमएस डॉ अशोक चौहान,डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल ,डॉ रागिनी की गरिमामई उपस्थिति रही।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि पिछले कई सालों से संस्थान के पास नई ब्लड कलेक्शन बस का अभाव था और इसके चलते किसी अन्य माध्यम से एक बस की व्यवस्था करके प्रदेश में रक्तदान शिविर में वह बस भेजी जा रही थी । अब संस्थान को यह बस मिलने से यह वैन ब्लड डोनेशन को बढ़ावा देने में मदद करेगी। डॉ एच के अग्रवाल ने बताया कि यह वैन पूरी तरह से रक्तदान में प्रयोग होने वाले सभी उपकरणों से सुसज्जित है और इसमें रक्तदान के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि इस वैन के माध्यम से रक्तदान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सकेगा।
ब्लड बैंक विभाग अध्यक्ष डॉ गजेंद्र ने बताया कि इंटास कंपनी द्वारा दान की गई इस वैन की कीमत लगभग 48 लाख रुपये है, वहीं इससे पहले कोटैक बैंक द्वारा भी एक बस गत दिनों भेंट की गई थी। उन्होंने इंटास कंपनी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह वैन पीजीआईएमएस के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है।
डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लड बैंक विभाग द्वारा पिछले वर्ष 37578 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था, जिसमें से 18492 यूनिट रक्तदान शिविरों के माध्यम से संग्रहीत किया गया था। डॉक्टर गजेंद्र ने कहा कि उनका प्रयास रहता है कि संस्थान में जिस मरीज को रक्त की जरूरत होती है उसके बदले में उसके परिजनों से रक्तदान ना करवाया जाए और स्वैच्छिक रक्तदान कैंपों से ही रक्त की उपलब्धता पूरी रहे।
डॉ. गजेंद्र ने बताया कि पीजीआईएमएस में प्रतिदिन 200 से अधिक यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, जिसे पूरा करने के लिए ब्लड बैंक विभाग द्वारा विभिन्न रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है।
डॉ. गजेंद्र ने बताया कि ब्लड बैंक विभाग द्वारा मरीजों को विभिन्न प्रकार के रक्त घटक प्रदान किए जाते हैं, जिनमें थैलीसिमिया, हिमोफिलिया, क्रोनिक किडनी रोग, कैंसर, ट्रामा और जटिल सर्जिकल मामलों में रक्त की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि इस वैन के माध्यम से रक्तदान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और अधिक जगहों पर रक्तदान कैंप लगाया जा सकेंगे। इस अवसर पर डॉ रागिनी,एसएनओ बाला, नर्सिंग अफसर रेखा, सुनीता और भारत भी उपस्थित रहे।

