Wednesday, September 2, 2026
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HAU के वैज्ञानिक डॉ. अनिल दुहन माइक्रो प्लास्टिक प्रदूषण पर करेंगे शोध

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार (HAU) को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा हरियाणा राज्य अनुसंधान निधि के अंतर्गत एक शोध परियोजना को मंजूरी दी गई है। परियोजना का विषय ‘हरियाणा के कृषि इकोसिस्टम में माइक्रो प्लास्टिक प्रदूषण का वितरण, जोखिम आकलन एवं निस्तारण रणनीतियों का विकास’ है।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने बताया कि प्लास्टिक का इस्तेमाल बढऩे की वजह से इसके अवशेष पर्यावरण मेें बढ़ते जा रहे हैं और यह समस्या विकराल होती जा रही है। इससे कृषि क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा और कृषि भूमि, सिंचाई योग्य जल एवं फसलों को भी माइक्रोप्लास्टिक प्रभावित कर सकते हैं। यही इस शोध का आधार है जिसमें वैज्ञानिक हरियाणा में अलग-अलग जिलों से मिट्टी, सिंचाई योग्य पानी, ट्रिटिड एवं अनट्रिटिड सिवरेज जल एवं इस जल से सिंचित फसलों के नमूनों की जांच कर उनमें माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा एवं दुष्प्रभाव जानने की कोशिश करेंगे एवं उनके सतत निस्तारण के तरीकों की खोज भी करेंगे।

कुलपति ने कहा कि माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण केवल पर्यावरण से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मृदा स्वास्थ्य, फसल उत्पादन, खाद्य सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि कृषि में प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग, विशेषकर प्लास्टिक मल्च, सिंचाई जल और अन्य कृषि गतिविधियों के माध्यम से माइक्रो प्लास्टिक कणों का खेतों तक पहुंचना चिंता का विषय है। ये कण मिट्टी में लंबे समय तक बने रहकर उसकी भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ फसल और सुरक्षित खाद्य उत्पादन की आधारशिला है, इसलिए माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते प्रभाव को समय रहते समझना और नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।

अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि दो वर्ष की इस परियोजना का नेतृत्व रसायन विज्ञान विभाग के सहायक वैज्ञानिक डॉ. अनिल दुहन करेंगे। डॉ. जयंत सिंधु एवं डॉ. रवि कुमार सह-अन्वेषक के रूप में परियोजना में कार्य करेंगे। इस परियोजना के लिए 19.11 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त इन शोध परियोजनाओं से प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ एवं सुरक्षित कृषि व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश गेरा, केमेस्ट्री विभाग के अध्यक्ष डॉ. रजनीकांत शर्मा व मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य उपस्थित रहे।

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