हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र योजना से संबंधित एक प्रकरण में सभी तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के उपरांत आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग के संज्ञान में यह तथ्य आया कि भिवानी निवासी सुश्री टीना द्वारा योजना के अंतर्गत प्रस्तुत आवेदन पर पुनर्विचार की आवश्यकता थी, क्योंकि उन्होंने CBSE के दिशा-निर्देशों के अनुसार 82.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करती थीं।
आयोग के निर्देशों के अनुपालन में संबंधित विभाग द्वारा छात्रवृत्ति की निर्धारित राशि 8,000 रुपये समयबद्ध रूप से आवेदिका के खाते में जमा करा दी गई है। आयोग ने यह भी अवलोकन किया कि प्रकरण की प्रक्रिया के दौरान आवेदिका को अपील एवं पुनरीक्षण के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।
हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, आयोग ने प्रकरण के समग्र तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आवेदिका को 5,000 रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
आयोग ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी सूचना आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

