ऑनलाइन सेवाएं बंद होने से फर्म रजिस्ट्रेशन, सोसाइटी और बॉयलर से जुड़े काम अटके, सरकार को भी राजस्व नुकसान
कविता. रोहतक : हरियाणा इंडस्ट्रीज विभाग का ऑनलाइन पोर्टल पिछले छह दिनों से बंद पड़ा है, जिससे रोहतक समेत पूरे प्रदेश में उद्योग, व्यापार और कानूनी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पोर्टल खोलने पर लगातार “Portal Under Maintenance” का संदेश दिखाई दे रहा है।
इस कारण फर्म रजिस्ट्रेशन, सोसाइटी से जुड़े कार्य, बॉयलर अनुमति और अन्य ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हैं। अधिवक्ता अशोक जांगड़ा ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार कई दिनों तक पोर्टल बंद रहना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।
रुके ऑनलाइन काम, बढ़ी व्यापारियों की चिंता
रोहतक में कई कारोबारी और उद्योग संचालक अपने जरूरी दस्तावेज और आवेदन जमा नहीं कर पा रहे हैं। नए फर्म रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस नवीनीकरण और विभागीय मंजूरियों का काम ठप पड़ा हुआ है। जिन लोगों की समय सीमा नजदीक है, उनकी परेशानी और बढ़ गई है। अधिवक्ता अशोक जांगड़ा ने कहा कि रोजाना दर्जनों लोग उनके पास पोर्टल संबंधी दिक्कत लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा।
सरकार को भी हो रहा आर्थिक नुकसान
विशेषज्ञों का कहना है कि पोर्टल बंद रहने का असर केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार के राजस्व पर भी पड़ रहा है। विभिन्न प्रकार की सरकारी फीस और रजिस्ट्रेशन शुल्क ऑनलाइन जमा नहीं हो पा रहे हैं। इससे प्रतिदिन लाखों रुपये का संभावित राजस्व प्रभावित हो रहा है। उद्योग विभाग की कई सेवाएं पूरी तरह डिजिटल होने के कारण पूरा सिस्टम रुक गया है।
सोसाइटी और फर्म से जुड़े मामलों में बढ़ी दिक्कत
रोहतक में सामाजिक संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोग भी परेशान हैं। सोसाइटी रजिस्ट्रेशन, संशोधन और दस्तावेज अपलोड जैसे कार्य अटक गए हैं। कई संस्थाओं के जरूरी प्रस्ताव और नवीनीकरण समय पर नहीं हो पा रहे। वहीं नई फर्म खोलने वाले युवाओं को भी शुरुआत में ही तकनीकी रुकावट का सामना करना पड़ रहा है।
बॉयलर और इंडस्ट्री से जुड़े कार्य प्रभावित
उद्योगों में उपयोग होने वाले बॉयलर से संबंधित मंजूरियां और ऑनलाइन प्रक्रियाएं भी प्रभावित हैं। छोटे और मध्यम उद्योगों को समय पर अनुमति नहीं मिलने से उत्पादन कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। रोहतक के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि तकनीकी खामी का सीधा असर कारोबार और उत्पादन पर पड़ रहा है।
फोन पर भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब
अधिवक्ता अशोक जांगड़ा के अनुसार, जब संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। केवल तकनीकी समस्या बताकर मामला टाल दिया गया। उन्होंने मांग की कि विभाग जल्द से जल्द पोर्टल को सुचारू रूप से चालू करे ताकि लोगों के रुके हुए कार्य पूरे हो सकें और उद्योग गतिविधियां सामान्य हो सकें।

