हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो० डॉ० पवन कुमार, उपाध्यक्ष सतीश कुमार एवं सचिव मुनीश शर्मा ने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षार्थी हित में प्रमाण-पत्र के विवरणों में शुद्धि करने का निर्णय लिया गया है।
बोर्ड अध्यक्ष ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोई परीक्षार्थी प्रमाण-पत्र जारी होने की तिथि से 03 वर्ष पश्चात अपने प्रमाण-पत्र में नाम, पिता का नाम अथवा माता के नाम में शुद्धि करवाना चाहता है, तो वह विद्यालय रिकार्ड (बिना किसी कटिंग) अथवा प्रार्थी के सार्वजनिक दस्तावेज जैसे-जन्म प्रमाण-पत्र/रिहायशी प्रमाण-पत्र/जाति प्रमाण पत्र/परिवार पहचान पत्र/पैन कार्ड/वोटर कार्ड/ड्राईविंग लाइसेंस में से कोई भी दो सार्वजनिक मूल दस्तावेजों के साथ बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा भरकर सम्बन्धित विद्यालय जिसमें परीक्षार्थी द्वारा अन्तिम पढ़ाई की हो, से सत्यापित करवाकर निर्धारित शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में जमा करवाते हुए वांछित शुद्धि करवा सकता है।
उन्होंने बताया कि अगर कोई परीक्षार्थी वर्ष-2000 के पश्चात जारी किए गए प्रमाण-पत्रों में जन्मतिथि में सुधार करवाना चाहता है तो वह परीक्षार्थी प्रमाण-पत्र जारी होने की तिथि से 03 वर्ष पश्चात विद्यालय रिकार्ड (बिना कटिंग) अथवा नवीनतम जन्म प्रमाण-पत्र और सार्वजनिक दस्तावेज जैसे-परिवार पहचान पत्र/पैन कार्ड/ड्राईविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज के साथ निर्धारित प्रोफार्मा भरकर सम्बन्धित विद्यालय जिसमें प्रार्थी द्वारा अन्तिम पढ़ाई की गई हो, से सत्यापित करवाकर निर्धारित शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में जमा करवाते हुए वांछित शुद्धि करवा सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त वर्ष-2000 से पूर्व में जारी किए गए प्रमाण-पत्र में जन्मतिथि में वांछित शुद्धि गुण-दोष के आधार पर सक्षम अधिकारी के आदेशोंपरांत परीक्षार्थी से निर्धारित शुल्क प्राप्त होने पर ही की जाएगी।

