- मंगलम सीड्स लिमिटेड, अहमदाबाद ने हकृवि के साथ किया समझौता
- सरसों, मूंग, ज्वार और ग्वार की उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन एवं वितरण को मिलेगा बढ़ावा
हिसार : चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) द्वारा विकसित उन्नत किस्मों की मांग देशभर में निरंतर बढ़ रही है। विश्वविद्यालय की अनुसंधान उपलब्धियों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने और गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलम सीड्स लिमिटेड, अहमदाबाद (गुजरात) ने हकृवि के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने बताया कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य कृषि अनुसंधान के माध्यम से किसानों को ऐसी उन्नत किस्में और नवीनतम तकनीकें उपलब्ध करवाना है, जो कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा खेती को और अधिक लाभकारी बनाने में सहायक हों। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज कृषि उत्पादन की आधारशिला हैं। उन्नत किस्मों के बीजों के उपयोग से किसानों को उनकी विशेषताओं और उपयुक्त कृषि पद्धतियों के अनुरूप बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के अवसर मिलते हैं। निजी क्षेत्र की बीज कंपनियों के साथ सहयोग से विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किस्मों के बीजों का बड़े स्तर पर उत्पादन एवं वितरण संभव होगा। इससे अनुसंधान प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीक को किसानों के खेतों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
समझौते पर कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज की उपस्थिति में मंगलम सीड्स लिमिटेड, अहमदाबाद (गुजरात) की ओर से रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. हार्दिक पटेल तथा विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने हस्ताक्षर किए।
सरसों, मूंग, ज्वार और ग्वार की उन्नत किस्मों को मिलेगा बढ़ावा: डॉ. राजबीर गर्ग
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि मंगलम सीड्स लिमिटेड के साथ हुए एमओयू में हकृवि की पांच उन्नत किस्मों को शामिल किया गया है। इनमें सरसों की आरएच 725 और आरएच 1975, मूंग की एमएच 1142, ज्वार की सीएसवी 53 वी तथा ग्वार की 2-20 किस्म शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरसों की उन्नत किस्में किसानों को तिलहन उत्पादन के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। मूंग जैसी दलहनी फसल विविधीकरण और फसल चक्र में उपयोगी भूमिका निभाती है। ज्वार की किस्म चारे का बेहतर विकल्प प्रदान करेगी, जबकि ग्वार की उन्नत किस्म से किसानों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी जिससे किसान अपनी आय में इजाफा कर सकेंगे।
इस अवसर पर ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, कुलसचिव डॉ. पवन कुमार, मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. नरेश कौशिक, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रमेश गोयल, डॉ. एसके पाहुजा, डॉ. सोमबीर निंबल, डॉ. रामअवतार, डॉ. विरेन्द्र मोर, डॉ. योगेश जिंदल, डॉ. जितेन्द्र भाटिया, डॉ. पम्मी कुमारी व कंपनी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज के साथ कंपनी प्रतिनिधि व अधिकारी

