Tuesday, March 24, 2026
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रोहतकवासियों के लिए खुशखबरी : गंदे पानी की समस्या वाले क्षेत्रों में बदली जाएगी पाइपलाइन

रोहतक  : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में खराब हो चुकी पेयजल पाइपलाइन को बदलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस परियोजना के लिए विस्तृत निविदा आमंत्रण सूचना (डीएनआईटी) स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दी गई है और शीघ्र ही इस पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में विधायक भारत भूषण बत्तरा एवं शकुंतला खटक, नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने बताया कि शहर के जिन क्षेत्रों से गंदे पानी की पुरानी पेयजल पाइपलाइन को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाएगा। इसके साथ ही शहर के अनुमोदित क्षेत्रों में, जहां अभी तक पेयजल पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इस परियोजना पर लगभग 16.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू कैनाल से प्रथम जलघर तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी 800 एमएम व्यास की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन के माध्यम से पंपिंग कर जलघर में जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी तथा खुले नाले को बंद किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर लगभग 26.65 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से रैणकपुरा में बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण किया गया है, जिसे जल्द ही चालू कर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

सचिन गुप्ता ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों से नियमित रूप से पानी के नमूने लेकर उनकी जांच की जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। जिला प्रशासन नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में ग्रामीण जल आपूर्ति को सुदृढ़, सुरक्षित एवं सतत बनाए रखने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च से 22 मार्च (विश्व जल दिवस) तक आयोजित ‘जल महोत्सव’ के तहत जिले में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, वहीं महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। बैठक में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियों पर चर्चा की गई। पाइपलाइन लीकेज की पहचान एवं मरम्मत, जल स्रोतों की स्वच्छता, आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था तथा जल संरक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में नई संचालन एवं रखरखाव नीति के तहत ग्राम पंचायतों को जल आपूर्ति प्रणाली का प्रबंधन सौंपने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। इसके लिए ग्राम पंचायतों के संयुक्त बैंक खाते खोलने तथा वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए। शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि शिकायत निवारण केंद्र के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान किया जाए। नागरिक जलापूर्ति एवं सीवरेज से संबंधित समस्याओं के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 पर भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बैठक में विधायक भारत भूषण बत्तरा, शकुंतला खटक, नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता शिवराज, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल,सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह, डीपीसी सुमन हुड्डा सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

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