Sunday, February 1, 2026
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Gita Mahotsav:  बघेली, भीली, कोरकू और मालवी जैसे व्यजंन बढ़ा रहे है पर्यटकों का स्वाद

कुरुक्षेत्र : अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को मध्य प्रदेश के बघेली, भीली, कोरकृ और मालवी जैसे व्यजंन स्वाद बढ़ा रहें है। इस महोत्सव में पहली बार पर्यटकों को मध्य प्रदेश की परम्परागत डिश चखने को मिल रही हैं। इस वर्ष प्रदेश सरकार की तरफ से मध्य प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में पार्टनर राज्य के रूप में आमंत्रित किया है।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में प्रदेश सरकार की तरफ से पार्टनर राज्य के रूप में मध्यप्रदेश को आमंत्रित किया गया था। इस प्रदेश ने ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग के साथ पैवेलियन की स्थापना की गई हैं। इस पैवेलियन में मध्यप्रदेश के परम्परागत बघेली, भीली, कोरकू और मालवी जैसे व्यजंन रखे गए है। इन व्यंजनों का देश-विदेश से आने वाले पर्यटक स्वाद चख रहे है। इनमें से अधिकतर पर्यटक ऐसे है जिनमें पहली बार मध्यप्रदेश की डिश चखने को मिली हैं।

मध्यप्रदेश से आए मंशाराम हरदा, मधू सूधन, संतोष द्विवेदी, अजय सिसोदिया का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में पहली बार कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आए है। इस बार पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश के परंपरागत व्यंजन, लोक कलाएं जिनमें अहिराई, गुदुम बाजा जैसे लोक नृत्य प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इसके अलावा मध्य प्रदेश के ग्रामीण आंचल में छिपे इतिहास को भी पैवेलियन में दिखाने का प्रयास किया गया हैं। इन प्रयासों को स्थानीय पर्यटक खूब सराह रहे है। इस महोत्सव में आमंत्रित करने के लिए शिल्पकारों ने हरियाणा और मध्यप्रदेश सरकार का आभार भी व्यक्त किया है।

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