Saturday, August 30, 2025
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Flood In Punjab: आप विधायक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप आदर-सम्मान से सुरक्षित पहुंचाया

Flood In Punjab: पंजाब के होशियारपुर जिला के गांव अब्दुल्लापुर में आई बाढ़ के बीच एक ऐसी घटना सामने आई जिसने न सिर्फ इंसानियत बल्कि धर्म और राजनीति के बीच संतुलन की मिसाल पेश की। ब्यास दरिया के पानी ने जब पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया, तब हल्का उड़मुर से आम आदमी पार्टी के विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने सिख परंपराओं की लाज रखते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को पूरे सम्मान और सत्कार के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

यह दृश्य देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पंजाब की जनता में गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। राजा गिल ने संगत के सहयोग से गुरु घर से पावन स्वरूप को बाहर निकालने से पहले अरदास की और संगत की सुख-शांति के लिए दुआ की। यह दृश्य इस बात का प्रमाण बना कि प्राकृतिक आपदा जैसी कठिन परिस्थितियों में भी धार्मिक मर्यादाओं और गुरु साहिबों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। वहीं ‘आप’ के विधायकों ने यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था और जनता की सुरक्षा दोनों ही उनकी जिम्मेदारी हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने भी राहत और बचाव कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाते हुए यह साबित किया है कि सरकार हर पंजाबी के साथ खड़ी है। कैबिनेट मंत्री और अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और प्रशासनिक मशीनरी चौबीसों घंटे राहत कार्यों में लगी हुई है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने का फ़ैसला लिया है। यह कदम जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव और सेवा भावना का प्रमाण है।

जब इस कुदरती आपदा में खेत डूब रहे थे और घरों में पानी भर रहा था, उस समय आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने यह दिखाया कि जनता की जान बचाना ही नहीं, बल्कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना भी उनकी प्राथमिकता है। पंजाब की सिख संगत और आम जनता में यह भरोसा और गहरा हुआ है कि उनकी सरकार मुश्किल घड़ी में न सिर्फ़ मदद के लिए मौजूद है, बल्कि उनके धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करने में भी पूरी तरह समर्पित है।

यह दृश्य और यह निर्णय इस बात का प्रतीक हैं कि राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि जब यह इंसानियत और धर्म के साथ जुड़ती है तो असली ‘राजधर्म’ स्थापित होता है। मुख्यमंत्री मान और उनकी टीम ने यह साबित कर दिया है कि पंजाब सरकार की रगों में सेवा, धर्म और जनता के अधिकार एक साथ बसते हैं। यही बड़ा संदेश आज पूरे पंजाब में जा रहा है कि संकट की घड़ी में सरकार और संगत मिलकर ही असली ताक़त बनते हैं।

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