Wednesday, November 4, 2026
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दिवाली सिर पर, कब जागेगा रोहतक प्रशासन; पाबंदी के बावजूद खुलेआम हो रही पटाखों की बिक्री

कविता.रोहतक : दिवाली पर प्रदूषण कम करने के लिए ग्रीन पटाखे जलाने के आदेश हर साल जारी होते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन आदेशों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। रोहतक में सामान्य पटाखों की बिक्री पर रोक के बावजूद बाजारों और गलियों में इनकी बिक्री जारी है। वहीं, ग्रीन पटाखे दुकानों पर नजर नहीं आ रहे हैं।

शहर में कई जगह सामान्य पटाखे आसानी से उपलब्ध होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सामान्य पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित है तो ये पटाखे शहर में पहुंच कैसे रहे हैं और इनकी बिक्री पर रोक लगाने की जिम्मेदारी किसकी है।

गली-मोहल्लों तक पहुंच गए सामान्य पटाखे

त्योहार नजदीक आते ही पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं। हैरानी की बात यह है कि जिन सामान्य पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध है, वे भी गली-मोहल्लों में उपलब्ध बताए जा रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रीन पटाखों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में लोग चाहकर भी ग्रीन पटाखे खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी नहीं होने से नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब छापेमारी की तैयारी, समय निकलने का इंतजार

सामान्य पटाखों की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस अब सक्रिय होने की तैयारी में हैं। प्रतिबंधित पटाखे रखने और बेचने वालों पर नजर रखी जा रही है। दुकानों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी की जाएगी। हालांकि, दिवाली में अब महज चार दिन शेष हैं। ऐसे में सवाल है कि जब पटाखों की बिक्री पहले से शुरू हो चुकी है तो कार्रवाई की तैयारी अब क्यों हो रही है? त्योहार से ठीक पहले होने वाली छापेमारी से कितनी बिक्री रुक पाएगी, यह भी बड़ा सवाल है।

हर साल ग्रीन पटाखों का आदेश, लेकिन बाजार में विकल्प नहीं

प्रदूषण को देखते हुए ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति और सामान्य पटाखों पर प्रतिबंध का निर्देश हर साल चर्चा में रहता है। इसके बावजूद बाजारों में ग्रीन पटाखों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाती। नतीजा यह है कि प्रतिबंधित पटाखे आसानी से मिल जाते हैं, जबकि नियमों के मुताबिक पटाखे खरीदना चाहने वाले लोगों को विकल्प तलाशने पड़ते हैं। ऐसे में ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश कागजों तक सीमित रहने की आशंका पैदा हो रही है।

दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ा तो किसकी होगी जिम्मेदारी

दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि समय रहते बाजारों में जांच हो, प्रतिबंधित पटाखों का स्टॉक जब्त किया जाए और ग्रीन पटाखों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस दिवाली से पहले कितनी प्रभावी कार्रवाई कर पाते हैं या इस बार भी प्रतिबंध और ग्रीन पटाखों के आदेश महज औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।

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