Thursday, September 10, 2026
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बंदरों से खौफ में रोहतक! अब नगर निगम आने से भी डर रहे लोग

कविता.रोहतक : शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग इलाकों में बंदरों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

ताजा मामला नगर निगम कार्यालय का है, जहां अपना काम करवाने पहुंचे दो लोगों को बंदरों ने काट लिया। इसके बाद नगर निगम आने वाले लोगों में भी डर का माहौल है।

लोगों का कहना है कि आखिर वे शिकायत और सरकारी काम के लिए भी जाएं तो जाएं कहां, जब रास्ते में ही बंदरों का सामना होने लगे।

नगर निगम में काम करवाने आए, बंदरों ने कर दिया हमला

नगर निगम कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में बंदरों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। यहां अपना काम करवाने पहुंचे दो लोगों पर बंदरों ने हमला कर उन्हें काट लिया। घटना के बाद लोगों में डर और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि नगर निगम जैसी जगह, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, वहां भी बंदरों से सुरक्षा नहीं मिल रही है।

बंदरों के डर से निगम आने में भी घबरा रहे लोग

कई दिनों से बंदरों की समस्या झेल रहे शहरवासियों का कहना है कि अब नगर निगम कार्यालय की तरफ आने में भी डर लगने लगा है। बंदर अचानक किसी पर झपट पड़ते हैं और कई बार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति ज्यादा चिंता वाली बनी हुई है। लोगों का सवाल है कि जब सरकारी कार्यालय के आसपास ही बंदरों का इतना आतंक है तो शहर की गलियों और कॉलोनियों में हालात कैसे होंगे।

सेक्टर-1 में भी घरों और गलियों में बंदरों का आतंक

नगर निगम के आसपास ही नहीं, बल्कि सेक्टर-1 में भी बंदरों की समस्या लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर झुंड में घूमते हैं और घरों की छतों, गलियों और सड़कों पर दिखाई देते हैं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय भी सावधानी बरतनी पड़ती है। कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर भेजना तक कम कर दिया है।

सेक्टर-2 में सड़कें घेर रहे बंदरों के झुंड

सेक्टर-2 में तो हालात और भी ज्यादा परेशान करने वाले बताए जा रहे हैं। यहां अचानक बंदरों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि दिन के समय भी कई जगह सड़क पर बंदरों के झुंड बैठे दिखाई देते हैं। राहगीरों को इनके बीच से निकलना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे बंदरों के पूरे झुंड को अलग-अलग इलाकों में छोड़ दिया गया हो।

कब होगी कार्रवाई, लोगों को हमले का डर

शहरवासियों का कहना है कि बंदरों की समस्या अब केवल परेशानी तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला बन गई है। लगातार काटने और हमला करने की घटनाओं के बाद लोग नगर निगम से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाए और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे का इंतजार न करना पड़े।

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