- कृषि मंत्री ने कहा, सहकारी मिल किसानों को उपलब्ध करवाएगी शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन
- टिश्यू कल्चर से गन्ना का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को किया प्रोत्साहित
चंडीगढ़ : हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि “गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन” के अंतर्गत जो किसान अब 4 फुट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करेगा, उसको सरकार द्वारा 5 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहले यह प्रोत्साहन राशि 3 हजार रुपए प्रति एकड़ दी जा रही थी। राणा ने यह जानकारी विभागीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद दी है।
उन्होंने कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को उचित दिशा -निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान केवल अन्नदाता नहीं बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता का सशक्त आधार भी है ,इसलिए किसान को मजबूत करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि पहले जो किसान 4 फुट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना की रोपाई करता था तो सरकार द्वारा उसको प्रोत्साहन के तौर पर 3 हज़ार रुपए प्रति एकड़ दिए जाते थे , लेकिन मुख्यमंत्री ने इस बार के बजट में यह राशि बढाकर 5 हज़ार रूपये प्रति एकड़ करने की घोषणा की थी , इस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार की ओर से इस संबंध में स्वीकृति दे दी गई है।
उन्होंने बताया कि उक्त प्रोत्साहन राशि को प्राप्त करने के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को पोर्टल के माध्यम से 15 अक्तूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन किया जाएगा , इसके बाद फरवरी 2027 के अंत तक भौतिक सत्यापन उपरांत संबंधित किसान को प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि किसानों को एकल-आँख विधि से गन्ने की बिजाई करने पर प्रोत्साहन राशि भी बढ़ाकर 5 हज़ार रुपए प्रति एकड़ कर दी गई है , पहले यह राशि 3 हजार रुपए प्रति एकड़ थी।
मंत्री राणा यह भी जानकारी दी कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी ताकि किसानों की फसल कटाई पर लागत कम हो सके।
उन्होंने यह भी बताया कि टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ना की उत्पादकता में वृद्धि की जाएगी। इस विधि से तैयार हुई गन्ना की पौध को किसानों को मुफ़्त उपलब्ध करवाया जाएगा। करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा ये पौध तैयार की जाएगी। इस मिल से किसान अक्तूबर 2026 से लेकर दिसंबर 2026 तक पौध ले सकता है।
राणा ने कहा कि ये सभी पहल राज्य में कृषि को आधुनिक बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
इस अवसर बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार , निदेशक राजनारायण कौशिक के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

