Monday, April 13, 2026
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पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ : आठवीं कक्षा के शीर्ष 20 विद्यार्थियों को बिना एडमिशन परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश मिलेगा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ ज़मीनी स्तर पर नतीजे दे रही है और आम परिवारों की बेटियों ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा की मेरिट लिस्ट में पहले 20 में से 19 स्थान हासिल करके दबदबा बना लिया है।

चंडीगढ़ में अपने आवास पर शीर्ष विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पहले 20 विद्यार्थियों को बिना किसी एडमिशन परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पहले तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपए के नकद इनाम से सम्मानित किया और विद्यार्थियों से अपील की कि वे ज़मीन से जुड़े रहें, कड़ी मेहनत करें और सही रोल मॉडल चुनें। उन्होंने कहा कि पंजाब के बदले हुए सरकारी स्कूल अब शिक्षा में राष्ट्रीय मानक के रूप में उभर रहे हैं।

विद्यार्थियों से बातचीत के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने X पर लिखा, “पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा के नतीजों में पूरे सूबे से अव्वल रहने वाले होनहार विद्यार्थियों को चंडीगढ़ में सम्मानित किया गया। इस मौके पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस साल के नतीजों में पहला स्थान ईंटों के भट्ठे पर काम करने वाले मुनीम की होनहार बेटी ने हासिल किया है, जबकि दूसरा और तीसरा स्थान क्रमशः टाइलों की दुकान के मालिक और एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के शिक्षक की बेटियों ने प्राप्त किया है। ये नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि आम परिवारों के बच्चे अब शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इन बच्चों के आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और समर्पण को देखकर हमें बहुत खुशी और गर्व महसूस हुआ।

पहली बार लड़कियों ने टॉप 20 में से 19 स्थान हासिल करके मेरिट लिस्ट में दबदबा बनाया

  • अव्वल रहे विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पहली बार लड़कियों ने टॉप 20 में से 19 स्थान हासिल करके मेरिट लिस्ट में दबदबा बना लिया है, यह उनके दृढ़ इरादे का शक्तिशाली प्रमाण है। उन्होंने इस शानदार उपलब्धि पर ज़ोर देते हुए कहा, “इन विद्यार्थियों को बिना किसी प्रवेश परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में नवीं कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। पहली बार लड़कियों ने पहले 20 में से 19 स्थान हासिल किए हैं, जिसमें सिर्फ एक लड़का 20वें रैंक पर है। पहले 19 स्थान हासिल करके लड़कियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।”
  • विद्यार्थियों की योग्यता और क्षमता पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ली गई आठवीं कक्षा की परीक्षाओं में कुल 2.62 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “ये टॉप 20 विद्यार्थी पहले ही अपनी योग्यता साबित कर चुके हैं। शीर्ष स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने अपनी योग्यता साबित की है और इसलिए उन्हें बिना किसी एडमिशन परीक्षा के मेरिट के आधार पर स्कूल ऑफ एमिनेंस में विशेष कोटे के तहत प्रवेश दिया जाएगा।”
  • मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर शीर्ष रहे तीन विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपए के नकद इनाम से सम्मानित भी किया। सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जैतो (फरीदकोट) की तमन्ना ने 600 में से 600 अंक प्राप्त करके पहला स्थान हासिल किया, सरकारी मिडिल स्कूल, अड़कवास (संगरूर) की जसप्रीत कौर ने 598 अंक प्राप्त करके दूसरा स्थान हासिल किया और संत मोहन दास मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोट सुखिया (फरीदकोट) की जश्नदीप कौर ने 598 अंक प्राप्त करके तीसरा स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गर्व के साथ कहा कि ये तीनों विद्यार्थी प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर की एथलीट भी हैं।
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