गरिमा टाइम्स न्यूज. रोहतक। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना पार्ट दो को लांच कर दिया है। इसके लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके लिए जल्द ही आवेदन मांगे जाएंगे। इस योजना में केवल बीपीएल ही नहीं बल्कि अन्य मध्यमवर्गीय परिवार भी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेश की सभी नगर निगमों को पत्र भेजा है। इसके लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया है।
योजना में कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस, निम्न आय वर्गीय यानी एलआईजी और मध्यम आय वर्गीय परिवार यानी एमआईजी को मकान मिलेंगे। आवेदन के आधार पर मकानों की डिमांड का पता लग सकेगा। इसके बाद मकानों की संख्या विभागीय स्तर पर तय की जाएगी। केवल वह लोग आवेदन कर सकेंगे, जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का घर नहीं है। तीन लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को ईडब्ल्यूएस, तीन से छह लाख तक की वार्षिक आय वाले एमआईजी दिए जाएंगे।
ऑनलाइन हाेंगे आवेदन
अधिकारियों को प्रशिक्षण में बताया गया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। केंद्र सरकार के पोर्टल पर ही आवेदन होंगे। जल्द ही इसका पोर्टल शुरू हो जाएगा।
आधार कार्ड से मोबाइल होना चाहिए लिंक
अधिकारियों ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आवेदन करने वाले व्यक्ति के पूरे परिवार के सदस्यों का नाम मोबाइल नंबर से लिंक कराना अनिवार्य होगा। मोबाइल नंबर से आधार लिंक न होने की स्थिति में ओटीपी नहीं आएगा। ओटीपी नहीं आने पर आवेदन मान्य नहीं होगा। आवेदन करने के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग की टीम भौतिक सत्यापन करेगी। यदि सत्यापन में दी गई जानकारी गलत होगी तो उसे रद्द कर दिया जाएगा।
केंद्रीय सहायता प्रदान की जाएगी
योजना में पांच सालों में शहरी क्षेत्र में घर बनाने, खरीदने या किराये पर लेने के लिए प्राथमिक ऋण संस्थानों से गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों को केंद्रीय सहायता प्रदान की जाएगी।
चार घटकों के तहत मिलेगा लाभ
- बीएलसी- लाभार्थी आधारित निर्माण के माध्यम से ईडब्ल्यूएस श्रेणियों से संबंधित व्यक्तिगत पात्र परिवारों को अपनी भूमि नहीं होने पर भूमि अधिकार प्रदान करेंगे।
- एएचपी- भागीदारी में किफायती आवास के तहत सार्वजनिक व निजी संस्थाओं द्वारा ईडब्ल्यूएस को बने आवास आवंटित होंगे।
- एआरएच-किफायती किराए के आवास में शहरी प्रवासियों, कामकाजी महिलाओं, औद्योगिक श्रमिकों, बेघर, निराश्रित, छात्रों और अन्य को आवास दिए जाएंगे।
- आईएसएस- ब्याज सब्सिडी योजना के तहत गृह ऋण पर सब्सिडी का लाभ 1.80 लाख रुपये तक प्रदान किया जाएगा।