चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने 24 अगस्त को हरियाणा सरकार द्वारा निजी कोचिंग संस्थानों के लिए जारी किए गए गजट नोटिफिकेशन के नए नियमों (Haryana Private Coaching Institutes Rules, 2026) पर कड़ा प्रहार किया है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि केवल कोचिंग सेंटरों पर जबरदस्ती बंदिशें थोपने और उनका समय बदलने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। हरियाणा की सैनी सरकार को अपनी नाकामी छुपाने के बजाय सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
डॉ. गुप्ता ने पंजाब के शिक्षा माडॅल का उदाहरण देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने साबित कर दिखाया है कि अगर मंशा साफ हो तो सरकारी स्कूलों में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी संभव है। पंजाब आज नीति आयोग के School Education Quality Index में देश में नंबर 1 पायदान पर पहुंच चुका है।
उन्होंने पंजाब शिक्षा मॉडल के आंकड़े साझा करते हुए बताया: राष्ट्रीय परीक्षाओं में ऐतिहासिक प्रदर्शन: वर्ष 2026 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने NEET-UG और 361 छात्रों ने JEE (Main) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।
मुफ्त कोचिंग की सुविधा : ‘पंजाब एकेडमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस’ (PACE) पहल के तहत सरकारी स्कूलों में ही बच्चों को विशेष कोचिंग और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे में सुधार: पंजाब सरकार ने 19,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करते हुए ₹2,600 करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया है।
डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि हरियाणा में डम्मी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों का कारोबार केवल इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि राज्य के सरकारी स्कूलों में जरूरी सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं है। यदि हरियाणा सरकार दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर स्कूलों में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षा मॉडल लागू करे, तो राज्य के बच्चों को किसी निजी कोचिंग सेंटर का रुख ही नहीं करना पड़ेगा।


