चण्डीगढ़ : आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. सुशील गुप्ता ने NEET-UG 2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और मामले की जांच CBI को सौंपे जाने पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है।
डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य भाजपा सरकार की लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ गया है। लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत करके परीक्षा दी, लेकिन मोदी सरकार की नाकामी और पेपर लीक माफिया की मिलीभगत ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
मोदी सरकार के पिछले 12 सालों में लगभग 93 पेपर लीक हो चुके हैं इससे 6 करोड़ से ज्यादा युवाओं का भविष्य बर्बाद हो चुका है। सबसे ज्यादा पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में ही हुए है। और अभी भी एपिसैंटर राजस्थान ही बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खुद NTA के अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी स्वीकार की है और केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी है। इससे साफ है कि परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद नहीं है और पूरी तरह फेल हो चुकी है। 2017, 2021, 2024, 2026 में भी पेपर लीक हुए तथा मोदी सरकार ने जांच सीबीआई को सोंपी, लेकिन हुआ कुछ नहीं, आगे भी कुछ नहीं होगा।
डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि जब मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री से मीडिया ने सवाल पूछे तो वे बिना जवाब दिए निकल गए। यह देश के छात्रों और अभिभावकों के प्रति भाजपा सरकार की गैर-जिम्मेदाराना सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, UGC-NET सहित कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार हर बार केवल जांच और बयानबाजी तक सीमित रह जाती है। इससे छात्रों का देश की परीक्षा प्रणाली और सरकारी संस्थाओं से भरोसा उठता जा रहा है।
डॉ. सुशील गुप्ता ने की ये मांग
- NEET पेपर लीक मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच हो।
- पेपर लीक माफिया और इसमें शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- NTA की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कर जवाबदेही तय की जाए।
- दोबारा परीक्षा की तिथि जल्द घोषित कर छात्रों को मानसिक और आर्थिक राहत दी जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी और तकनीकी सुधार किए जाएं।

