Rohtak News : केंद्र सरकार ने मुझे जो यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने का मेरा अथक प्रयास रहेगा। मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी की देश के सभी डेंटल कालेजों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करवाना। यदि हमारी शिक्षा उच्च स्तर की होगी तो विदेशों मे भी भारतीय डेंटल चिकित्सकों को पहली प्राथमिकता मिलेगी और हमारे देश का नाम पूरे विश्व में चमकेगा। यह कहना है पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल सांईसेज के प्राचार्य और राष्ट्रीय दंत आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. संजय तिवारी का।
एनडीसी के अध्यक्ष डाॅ. संजय तिवारी ने कहा कि वेेें इस नियुक्ति का श्रेय हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती राव, कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल व अपने विद्यार्थियों को देते हैं, जिन्होंने उन्हें प्राचार्य के पद पर कार्य करने का अवसर प्रदान किया और हमेशा उनको प्रोत्साहित किया , जिसकी वजह से उन्हें आज केंद्र सरकार में इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने डाॅ. तिवारी को बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्ति उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव, अकादमिक योगदान और दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए की गई है। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि डाॅ. तिवारी की नियुक्ति से दंत चिकित्सा क्षेत्र में सकारात्मक सुधारों की उम्मीद की जा रही है।
डाॅ. हरनीत सिंह ने बताया कि डॉ. संजय तिवारी वरिष्ठ दंत सर्जन हैं। उन्होंने 1993 में पीजीआईडीएस में ज्वाइन किया था। इसके बाद वह 2006 में प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नत हुए। उनके नेतृत्व में पीजीआईडीएस ने शैक्षणिक, शोध और चिकित्सकीय सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। संस्थान में आधुनिक तकनीकों की शुरुआत, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तथा रोगी सेवाओं के विस्तार में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
डाॅ. हरनीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय दंत आयोग के अध्यक्ष के रूप में डॉ. तिवारी देशभर में दंत शिक्षा की गुणवत्ता, दंत चिकित्सकों के मानकों और आमजन को बेहतर दंत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डॉ. संजय तिवारी की इस उपलब्धि से रोहतक के चिकित्सा जगत में खुशी की लहर है।
डाॅ. हरनीत ने कहा कि डाॅ. तिवारी 1999 से कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंटिक्स विभाग के सीनियर प्रोफेसर एवं प्रमुख हैं। डॉ. तिवारी ने अपने कार्यकाल में 50 से अधिक पोस्टग्रेजुएट छात्रों को मार्गदर्शन दिया है और उच्च प्रभाव वाले राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में 100 से अधिक शोध लेख प्रकाशित किए हैं, जिनमें उनका एच इंडेक्स 29 और आई10 इंडेक्स 47 है। वह किंग्स कॉलेज लंदन में कॉमनवेल्थ फेलो के रूप में प्रशिक्षित हैं और एंडोडोंटिक माइक्रोसर्जरी में विशेषज्ञता रखते हैं।

