- इस साल 2 मरीज मिले, एक नया केस सामने आया
- राहत यह कि अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं
- पिछले साल 205 केस ने बढ़ाई थी चिंता
कविता.रोहतक : बरसात के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है और इसी बीच डेंगू ने रोहतक में फिर दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग की 7 अगस्त तक की रिपोर्ट ने एक तरफ राहत दी है तो दूसरी तरफ आने वाले दिनों को लेकर खतरे की घंटी भी बजा दी है। आंकड़ा अभी छोटा है, लेकिन दस्तक साफ है, 1801 जांच के बावजूद रोहतक में डेंगू के दो मरीज मिल चुके हैं और एक नया केस सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ गई है। मौसम ने करवट ली तो यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है। पिछले साल इसी अवधि में जिले में डेंगू ने बड़ा कहर बरपाया था और पूरे वर्ष में 205 केस दर्ज किए गए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शुरुआती दो मामलों को यहीं रोकना है।
एक-एक केस शहरी और ग्रामीण इलाके से
रिपोर्ट के अनुसार जिले में मिले दो डेंगू मरीजों में एक शहरी और एक ग्रामीण क्षेत्र से है। इनमें एक महिला और एक पुरुष मरीज शामिल हैं। एक केस उत्तम विहार, सुखपुरा चौक और दूसरा खेड़ी SADH-1 में मिला है। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। दोनों मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी और उनका इलाज ओपीडी स्तर पर किया गया। अस्पतालों में इस समय डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं है।
802 नोटिस के बावजूद मच्छरों पर पूरी तरह ब्रेक नहीं
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का एक और आंकड़ा ध्यान खींचता है। वर्ष 2026 में अब तक 802 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद डेंगू के दो मामले सामने आना इस बात का संकेत है कि मच्छरों की रोकथाम की मुहिम को बरसात के इस दौर में और तेज करने की जरूरत है।
वहीं चालान का आंकड़ा शून्य है। पिछले साल 4072 नोटिस जारी किए गए थे, जबकि इस साल अब तक 802 नोटिस जारी हो चुके हैं।
1801 सैंपल की जांच
डेंगू की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सैंपलिंग कर रहा है। अब तक कुल 1801 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें 18 सैंपल 7 अगस्त को लिए गए। एक नए डेंगू केस का सामने आना बताता है कि विभाग को आने वाले दिनों में निगरानी और सैंपलिंग पर और जोर देना होगा।
पिछले साल 205 केस, इस बार अभी 2
आंकड़ों में सबसे बड़ा फर्क पिछले साल और इस साल के बीच दिखाई देता है। वर्ष 2025 में रोहतक में 205 डेंगू केस दर्ज हुए थे। इस साल 7 अगस्त तक संख्या 2 है। मलेरिया और चिकनगुनिया की स्थिति भी फिलहाल राहत देने वाली है—इस साल दोनों बीमारियों का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लिए असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। अगस्त से अक्टूबर तक मच्छरों के पनपने की परिस्थितियां बनी रहीं तो शुरुआती दो केस बड़ी संख्या में बदल सकते हैं। इसलिए फिलहाल कम आंकड़ा राहत जरूर है, लेकिन इसे खतरे से पूरी तरह बाहर निकलने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
- ये हैं आंकड़े
2025 में
- डेंगू -205
- मलेरिया- 5
- चिकनगुनिया- 3
2026 में
- डेंगू- 2
- मलेरिया- 0
- चिकनगुनिया- 0


