रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने युवाओं से आह्वान किया है “जब दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है तब हमारे युवाओं को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत रहना चाहिए और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि वे उन बहादुर और समर्पित एनसीसी कैडेटों से प्रेरणा लें जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश भर में आयोजित मॉक ड्रिल में जन जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने दिल्ली कैंट में आयोजित एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित करते हुए एनसीसी कैडेटों को राष्ट्र की दूसरी रक्षा पंक्ति बताया जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान सशस्त्र बलों का साथ देकर असाधारण रूप से अपनी भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकवादियों और उनके ठिकानों को नष्ट कर दिया। यह पहलगाम में हुए दुर्भाग्यपूर्ण और कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब था। हमारे सैनिकों ने साहस और संयम से काम लिया। हमने केवल उन्हीं को निशाना बनाया और नष्ट किया जिन्होंने हमें नुकसान पहुंचाया। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि वे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत हैं।
सिंह ने एनसीसी को युवाओं के विकास का एक उत्कृष्ट माध्यम बताया जो राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। उन्होंने कहा, “आज दुनिया भर में वीडियो गेम, फूड डिलीवरी और ऐसी ही अन्य चीजें मानव जीवन को आराम देने के लिए हैं। परेड, ड्रिल और शिविरों के माध्यम से एनसीसी आपको उस आराम क्षेत्र से बाहर निकलने में मदद करती है, जिससे कैडेट मानसिक रूप से मजबूत बनता है। इसके अलावा बच्चे कई जीवन कौशल सीखते हैं जो आपदाओं के दौरान खुद को और दूसरों को बचाने में उनकी मदद कर सकते हैं।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि एनसीसी कैडेटों में अनुशासन और देशभक्ति की भावना पैदा करती है, और उन्हें ‘ध्यान भटकने’ की समस्या से उबरने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब लोग हर चीज तुरंत हासिल करना चाहते हैं, एनसीसी धैर्य, निरंतरता और एकाग्रता सिखाती है, जो जीवन की बड़ी चुनौतियों, राष्ट्र के प्रति महान जिम्मेदारियों और चरित्र निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यह एकाग्रता उनके जीवन के हर पहलू में झलकती है, चाहे वे सशस्त्र बलों में शामिल हों या डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासक, राजनेता आदि बनें।
वहीं इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया जिसमें कैडेटों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इस वर्ष रक्षा मंत्री पदक जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख निदेशालय की कैडेट अर्पुन दीप कौर और पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम निदेशालय के कैडेट पाल्डेन लेपचा को प्रदान किया गया। प्रशस्ति पत्र कर्नाटक एवं गोवा निदेशालय की पेटी ऑफिसर लीशा देजप्पा सुवर्णा, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निदेशालय के जूनियर अंडर ऑफिसर पवन भगेल, उत्तर पूर्वी क्षेत्र निदेशालय की कॉर्पोरल राधा दोरजी और उत्तराखंड निदेशालय के कैडेट प्रिंस सिंह राणा को प्रदान किए गए। (स्रोत- PIB)

