रोहतक। रोहतक JLN में डूबी कन्हेली गांव की युवती का शव तीन दिन बाद झज्जर डिस्ट्रीब्यूटरी से आखिर बरामद हो गया। लेकिन जो बात निकल कर बाहर आई उसने सभी को हैरान कर दिया। युवती नहर के नजदीक बने हैंडपंप से कैन में पानी भरने स्कूटी पर गई थी। अनु ने उस दिन मंगलवार का व्रत रखा हुआ था। इसलिए साथ में वो बंदरों को खिलाने के लिए केले लेकर गई थी। जेएलएन नहर किनारे जब वह बंदरों को केले खिलाने गई। इस दौरान बंदरों का झुंड उसे पर झपट पड़ा। जिससे डर कर वह भागी और संतुलन बिगड़ने से नहर में गिर गई। गुरुवार शाम को उसका शव झज्जर इलाके की नहर में मिला।

पुलिस के अनुसार, युवती रोहतक के कन्हेली गांव की रहने वाली 18 वर्षीय अनु थी। इसका शव गोच्छी गांव के नजदीक झज्जर डिस्ट्रीब्यूटरी से मिला है। परिजनों से बातचीत के बाद पता चला है कि अनु ने मंगलवार को हनुमान जी का व्रत रखा था। वह कन्हेली में नहर के नजदीक से पानी भरने गई थी। व्रत होने के कारण वहीं, बंदरों को केले खिलाने लगी। अंदाजा लगाया जा रहा कि अनु पर बंदरों ने हमला बोल दिया होगा। इस कारण संतुलन बिगड़ने की वजह से वह नहर में गिर गई। नहर के पानी का बहाव तेज होने के कारण बहकर झज्जर डिस्ट्रीब्यूटरी में पहुंच गई।

जब वह काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो घरवाले उसे ढूंढने के लिए JLN नहर के पास पहुंचे। वहां उन्हें अनु तो नहीं मिली लेकिन पानी की खाली कैन और अनु की स्कूटी मिली। ऐसे में उन्होंने अनु के डूबने की आशंका जताई थी। परिजनों ने उसे सभी संभावित स्थानों पर तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने शिवाजी कॉलोनी थाने में बेटी के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज करवा दी। इसके बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर अनु की खोज के लिए गोताखोर सहित दो वोट को नहर में उतार कर खोज शुरू कर दी थी।
गुरुवार को परिजन तलाश करते हुए झज्जर डिस्ट्रीब्यूटरी तक पहुंचे। जहां शव दिखाई दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। शव बाहर निकाला गया तो परिजनों ने इसकी पहचान बेटी अनु के रूप में की। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।