Thursday, January 29, 2026
Homeहरियाणारोहतकरोहतक में 'ब्लैक स्पॉट्स' चिन्हित करने के निर्देश, 15 दिन की डेडलाइन

रोहतक में ‘ब्लैक स्पॉट्स’ चिन्हित करने के निर्देश, 15 दिन की डेडलाइन

रोहतक के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला सडक़ सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला में सड़क अवसंरचना से जुड़ी कमियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं व मौतों पर अंकुश लगाने के दृष्टिगत 15 दिन में सभी आवश्यक प्रबंध करने बारे सख्त निर्देश दिए। संकेत चिन्हों की कमी, गड्ढों, अवैध कट या खराब रोशनी के कारण होने वाली किसी भी मौत को प्रशासनिक विफलता माना जाएगा। एजेंसियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय होगी। हमारा उद्देश्य रोहतक में सड़क अवसंरचना के कारण शून्य मौतें सुनिश्चित करना है।

सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिला में हालिया दुर्घटना आंकड़ों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला में सडक़ दुर्घटनाओं में कम से कम जनहानि के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्य करें। गत दिनों जिला में सड़क दुर्घटनाओं व इन दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु कम हुई है, लेकिन सड़क इंजीनियरिंग में सुधार व बेहतर रखरखाव से इन दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोका जाएं।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने सडक़ स्वामित्व एजेंसियों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे आगामी 15 फरवरी तक सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सडक़ सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध करवाना सुनिश्चित करें। इन बिंदुओं पर यदि प्रबंधों की कमी के कारण सड़क दुर्घटना में जनहानि होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्घ सख्त कार्रवाई के लिए सरकार को सिफारिश कर दी जाएगी। जिला प्रशासन ने पुलिस, आरटीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एचएसवीपी और एनएचएआई के बीच समन्वित, परिणामोन्मुख कार्रवाई के माध्यम से रोहतक की सडक़ों को प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

सचिन गुप्ता ने संबधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एजेंडा में शामिल चिन्हित 15 बिंदुओं पर आगामी एक सप्ताह में कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा इन दुर्घटना संभावित बिंदुओं पर पैट्रोलिंग बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाने वाले, सडक़ पर अवैध पार्किंग करने वाले एवं हेलमैट न लगाकर वाहन चलाने वालों के सख्ती से चालान किये जाएं।

30 दिन में इंजीनियरिंग सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट करें प्रस्तुत

सचिन गुप्ता ने कहा कि शीर्ष घातक कॉरिडोर और ब्लैक स्पॉट्स की साप्ताहिक निगरानी की जाएगी तथा इंजीनियरिंग सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट 30 दिन के भीतर प्रस्तुत करनी होगी। दिसंबर माह की सभी घातक दुर्घटना स्थलों का एक माह के भीतर स्थायी सुधार किया जाएगा, जबकि 72 घंटे के भीतर अस्थायी सुरक्षा उपाय जैसे कोन, बैरिकेड, ब्लिंकर और संकेत चिन्ह लगाना अनिवार्य होगा। पहले से चिन्हित किसी स्थल पर यदि पुन: घातक दुर्घटना होती है, तो संबंधित कार्यकारी अभियंता या पीआईयू प्रमुख से स्पष्टीकरण मेमो जारी कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्गों, बाईपास, अस्पताल क्षेत्रों और स्कूल इलाकों में पैदल यात्री सुरक्षा ऑडिट 21 दिन में पूरे किए जाएंगे। फुटपाथों से पुलिस व नगर निकाय संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाएंगे।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि बिना हेलमेट और नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीकेंड स्पेशल ड्राइव, सीसीटीवी आधारित चालान तथा पुलिस-आरटीए की संयुक्त कार्रवाइयों के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। सभी सड़क स्वामित्व एजेंसियों को 2026 में कम से कम एक मॉडल रोड घोषित करने के निर्देश दिए गए। बैठक के उपरांत 30 दिन से अधिक लंबित एटीआर को गंभीरता से लिया जाएगा तथा डिफॉल्ट करने वाले अधिकारियों को अगली डीआरएससी बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

हॉटस्पॉट्स एवं नए जोखिम स्थल की गई समीक्षा

सचिन गुप्ता ने विशेष रूप से एनएच कॉरिडोरों पर चिन्हित दर्जनों नए दुर्घटना-प्रवण बिंदुओं की समीक्षा की। शीर्ष 15 हॉटस्पॉट्स पर नोडल इंजीनियर नामित किए जाएंगे। तीन माह में डीपीआर तैयार होगी और 15 दिन के भीतर अंतरिम सुरक्षा कार्य पूरे किए जाएंगे। साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी जाएगी। अवैध मीडियन कट बंद करने या यातायात विनियमन में प्रतिरोध होने पर जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगली डीआरएससी समीक्षा बैठक 15 दिन बाद होगी। इसके बीच, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण 5 फरवरी को सभी सडक़ स्वामित्व एजेंसियों के साथ संयुक्त फील्ड निरीक्षण कर मौके पर अनुपालन का भौतिक सत्यापन करेगा।

स्कूल बसों की नियमित अधिकारी करें जांच

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि उपमंडलाधीश अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से स्कूल बसों की जांच करें। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गत माह के दौरान जिला में 122 स्कूल बसों की जांच की गई तथा दो बसों के चालान किये गए। गत वर्ष 2025 के दौरान जिला में 1298 स्कूल बसों की जांच की गई तथा उल्लंघना करने वालों के 26 चालान किये गए। गत दिसंबर माह के दौरान जिला में यातायात नियमों की उल्लंघना करने पर 8714 चालान किये गए। इनमें 520 बिना हेलमेट वाहन चलाने, 699 बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने, रेड जंप करने के दो चालान, 158 ओवर स्पीड, 340 शराब पीकर वाहन चलाने, 2257 रोंग पार्किंग, 1848 गलत दिशा में वाहन चलाने तथा 2880 अन्य चालान शामिल है। दिसंबर माह में 92 लाइसेंस निलंबन करने की सिफारिश की गई। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण कार्यालय द्वारा गत दिसंबर माह में 339 चालान कर 96 लाख 26 हजार 900 रुपये की राशि वसूली गई।

बैठक में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक रवि खुंडिया, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी तनुमय दत्ता, भरत नागपाल, सुभाष गुप्ता सहित अन्य संबंधित विभागों व सडक़ स्वामित्व एजेंसियों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

RELATED NEWS

Most Popular