देहरादून के थाना डालनवाला क्षेत्रान्तर्गत घटित गोलीकाण्ड की गंभीर घटना के संबंध में पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा अब तक की गई पुलिस कार्यवाही की गहन समीक्षा की।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को निर्देश दिया कि घटना में संलिप्त आरोपियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करते हुए विशेष टीमों का गठन किया जाए तथा गिरफ्तारी के लिए सभी आवश्यक विधिक, तकनीकी एवं सर्विलांस संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को अतिशीघ्र गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस रणनीति तैयार की जाए।

जनपद देहरादून के समस्त क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जनपद में हाल के दिनों में घटित आपराधिक घटनाओं की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित अनावरण एवं प्रभावी रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
- सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमणशील रहेंगे तथा पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। वे अधीनस्थ थाना एवं चौकी प्रभारियों को नियमित रूप से ब्रीफ करते हुए कानून व्यवस्था के प्रति सजग बनाए रखेंगे।
- ऐसे विवादित मामलों, जिनसे शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए उनका निस्तारण क्षेत्राधिकारी अपने निकट पर्यवेक्षण में कराना सुनिश्चित करेंगे।
- समस्त क्षेत्राधिकारी *संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाएं तथा रूटीन चेकिंग के साथ विभिन्न स्थानों पर आकस्मिक (रैंडम) चेकिंग भी की जाए, जिससे आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके। आपसी रंजिश, भूमि विवाद अथवा अन्य संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
- सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकाश में आने वाले मामलों में विलंब न करते हुए तत्काल संज्ञान लेकर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।* सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को सुदृढ़ करते हुए अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा।
- क्षेत्राधिकारी समय-समय पर अपने क्षेत्र के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करें तथा विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सुरक्षा एवं साइबर अपराध संबंधी जानकारी प्रदान करें।
- किसी भी क्षेत्र में इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी के साथ-साथ संबंधित क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही भी निर्धारित की जाएगी।

