पुलिस ने आमजन को व्हाट्सएप के माध्यम से बैंक ट्रांजेक्शन के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध मैसेज को लेकर सतर्क रहने के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस द्वारा एडवाइजरी में कहा गया कि साइबर अपराधी लोगों में डर और जल्दबाजी पैदा करके उन्हें अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी अनजान नंबर से आए बैंक संबंधी मैसेज पर बिना पुष्टि के प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने कहा कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाते हैं। बैंक खाते से पैसे कटने का झूठा संदेश भेजकर लोगों को घबराहट में प्रतिक्रिया देने के लिए उकसाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप पर केवल ‘NO’ लिखकर जवाब देने से आपके साथ साइबर ठगी हो सकती है। अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध संदेशों का जवाब देने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जांच करें।
संदिग्ध मैसेज मिलने पर क्या करें ?
अनजान नंबर से बैंक ट्रांजेक्शन संबंधी मैसेज आने पर घबराएं नहीं और बिना पुष्टि के ‘YES’ या ‘NO’ लिखकर जवाब न दें। अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक संपर्क नंबर से ट्रांजेक्शन की पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें ओटीपी, एटीएम पिन, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध व्हाट्सएप नंबर को ब्लॉक और रिपोर्ट करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई एप डाउनलोड न करें और न ही स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति दें। यदि खाते में कोई अनधिकृत ट्रांजेक्शन दिखाई दे, तो तुरंत बैंक को सूचित कर खाते और संबंधित भुगतान माध्यम को सुरक्षित करवाएं।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। पुलिस ने अपील करते हुए कहा, साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक रहें, किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और संदिग्ध संदेशों को परिवार तथा दोस्तों के साथ साझा करने से पहले उनकी सत्यता की जांच अवश्य करें। आपकी सतर्कता ही आपकी डिजिटल सुरक्षा है।

