कविता.रोहतक : इन दिनों पेयजल की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। शहर के कई इलाकों में जहां पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा, वहीं सप्लाई आने पर दूषित पानी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
हालात यह हैं कि लोगों को एक तरफ पानी की बूंद-बूंद के लिए इंतजार करना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ घरों में पहुंच रहा पानी भी सवालों के घेरे में है।
जलघरों की सफाई और रखरखाव को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया है। रोहतक विधायक बीबी बत्रा ने विधानसभा में दूषित पेयजल सप्लाई का मुद्दा उठाकर सरकार से जवाब मांगा है।
जलघरों की सफाई पर सवाल, नलों में पहुंच रहा गंदा पानी
शहर में पेयजल सप्लाई का आधार जलघर हैं, लेकिन इन जलघरों की नियमित सफाई और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जलघर साफ नहीं होंगे तो पानी की गुणवत्ता प्रभावित होना स्वाभाविक है। यही वजह है कि कई जगहों पर लोगों को साफ पानी की जगह गंदा और दूषित पानी मिलने की शिकायतें हैं। घरों में नलों से आने वाले पानी का रंग और गुणवत्ता देखकर लोग परेशान हैं। सवाल यह है कि जब लोगों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध करवाना जिम्मेदारी है तो जलघरों की सफाई में लापरवाही क्यों बरती जा रही है।
एक सप्ताह का पानी 15 दिन चलाने की मजबूरी
रोहतक में सिर्फ पानी की गुणवत्ता ही समस्या नहीं है, बल्कि उपलब्धता का संकट भी लगातार बना हुआ है। जलघरों में जितने पानी से सामान्य तौर पर करीब एक सप्ताह की सप्लाई चलनी चाहिए, उसी पानी से करीब 15 दिन तक काम चलाने की नौबत आ रही है। इसका सीधा असर शहर की पेयजल सप्लाई पर पड़ रहा है। कई इलाकों में पर्याप्त दबाव के साथ पानी नहीं पहुंच रहा और लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा। गर्मी और बढ़ती आबादी के बीच यह स्थिति आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है।
विधानसभा तक पहुंचा दूषित पानी का मामला
शहर की गलियों और घरों तक सीमित रहने वाली पेयजल की समस्या अब विधानसभा तक पहुंच चुकी है। रोहतक विधायक बीबी बत्रा ने दूषित पेयजल सप्लाई का मुद्दा विधानसभा में उठाया। विधायक के विधानसभा में मामला उठाने से साफ है कि यह समस्या अब सिर्फ लोगों की शिकायत नहीं रह गई है, बल्कि शहर के बुनियादी जनस्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुकी है। लोगों की मांग है कि जलघरों की स्थिति की जांच हो और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच के साथ सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए।
रोहतक के सामने बड़ा सवाल: पानी आए तो साफ आए
शहर में मौजूदा हालात को देखें तो रोहतक दोहरी परेशानी से जूझता नजर आ रहा है। एक तरफ पानी की उपलब्धता कम है और दूसरी तरफ जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शहरवासियों को कब पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल मिलेगा। पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए लोगों को एक तरफ इंतजार करना पड़े और दूसरी तरफ दूषित पानी से बचना पड़े, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। अब जरूरत सिर्फ आश्वासन की नहीं, बल्कि जलघरों की सफाई, पर्याप्त पानी की व्यवस्था और नियमित गुणवत्ता जांच की ठोस कार्रवाई की है।


