मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति का वह अमूल्य उपहार है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए दिया है। हजारों वर्ष पूर्व प्रारंभ हुई योग की यात्रा आज वैश्विक स्वरूप धारण कर चुकी है। योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि शरीर, मन, आत्मा और समाज को जोड़ने वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिरसा के ग्राम बाबा भूमणशाह (संगर सरिस्ता) में स्थित मुख्य धाम बाबा भूमणशाह में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित योग अभ्यास कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा ब्रह्मदास महाराज तथा कुरुक्षेत्र से महंत महेश मुनि महाराज को शॉल भेंट किया। उन्होंने कहा कि इस पावन धरा पर स्थित आध्यात्मिक चेतना के केंद्र डेरा बाबा भूमणशाह के आश्रम में आकर उन्हें असीम शांति और ऊर्जा की अनुभूति हुई है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों में योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। उनके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। उस समय 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था और आज विश्व का लगभग हर देश योग से जुड़ चुका है।
बाबा भूमणशाह के उपदेश समाज को दे रहे नई दिशा
मुख्यमंत्री ने बाबा भूमणशाह महाराज को महान समाज सुधारक एवं लोककल्याणकारी संत बताते हुए कहा कि उन्होंने भूखे को अन्न, भटके को राह और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान देने का संदेश दिया। बाबा जी ने मानवता, प्रेम, सदाचार, सेवा और अच्छे आचरण को जीवन का आधार बनाया। उनके उपदेशों में नशे के विरुद्ध लगातार चेतना का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन ईश्वर की अमूल्य देन है, जिसे नशे जैसी बुराइयों में व्यर्थ नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेरा बाबा भूमणशाह कम्बोज समाज की आस्था, सेवा भावना और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। कम्बोज समुदाय का इतिहास वीरता, देशभक्ति, पुरुषार्थ और कठोर परिश्रम से परिपूर्ण रहा है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु आज भी बाबा भूमणशाह जी के दिखाए सत्य एवं सेवा के मार्ग पर चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने में गद्दीनशीन बाबा ब्रह्मदास महाराज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके मार्गदर्शन में यह धाम शिक्षा, स्वास्थ्य, अध्यात्म और मानव सेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम अध्यात्म और योग का सुंदर संगम है। योग का अर्थ है जोड़ना आत्मा का परमात्मा से मिलन, शरीर का मन से संतुलन और व्यक्ति का समाज से जुड़ाव। बाबा भूमणशाह ने जिस सहज मार्ग और भक्ति का संदेश दिया, वह भी एक प्रकार का आंतरिक योग ही है। योग केवल आसनों और प्राणायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला है, जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में भी कहा गया है ‘योग: कर्मसु कौशलम्’, अर्थात कर्मों में कुशलता लाना ही योग है।
नशामुक्त समाज निर्माण के लिए युवाओं को आगे आने का आह्वान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे संकल्प लें कि न स्वयं नशा करेंगे, न किसी को नशा करने देंगे और यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ गया है तो उसे बाहर निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया गया है, वह तभी साकार होगा जब देश के नागरिक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त होंगे। हरियाणा सरकार ‘योग युक्त, नशा मुक्त हरियाणा’ की थीम पर निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गद्दीनशीन बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि जीवन में निरंतर योग करना चाहिए। नियमित योग करने से व्यक्ति निरोग रहता है, मन शांत रहता है तथा अध्यात्म का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि हमारे संतों, गुरुओं और महात्माओं ने सदैव योग को अपनाकर समाज को प्रेरित किया है और आज मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी योग को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, चेयरमैन रोहताश जांगड़ा, चेयरमैन ओमप्रकाश, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

